Himachal: बागवानी विभाग में 450 पदों पर भर्ती को मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने दी सैद्धांतिक मंजूरी

शिमला। हिमाचल प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को सुदृढ़ करने और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बागवानी विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 450 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इन पदों में अधिकारियों से लेकर फील्ड स्टाफ तक शामिल हैं, जिनका उद्देश्य प्रदेश के बागवानों को उनके घर-द्वार पर बेहतर तकनीकी सुविधाएं और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

सोमवार शाम को आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इन भर्तियों को हरी झंडी दिखाई। इस बैठक में बागवानी विभाग, एचपी शिवा परियोजना और जनजातीय विकास विभाग की प्रगति का ब्यौरा लिया गया। हालांकि यह बैठक पहले सुबह के समय प्रस्तावित थी, लेकिन समय में बदलाव के कारण इसे शाम 5:30 बजे आयोजित किया गया। बैठक में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

पदों का विवरण और आगामी प्रक्रिया
मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत किए गए 450 पदों में शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता वाले विभिन्न पद शामिल हैं। इनमें 50 पद बागवानी विकास अधिकारी (HDO) के हैं, जबकि 100 पद बागवानी विस्तार अधिकारी (HEO) के भरे जाएंगे। इसके अतिरिक्त, विभाग के कामकाज में तेजी लाने के लिए 300 मल्टी टास्क कर्मियों की भी नियुक्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इन पदों को अंतिम मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में रखा जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जा सके।

बागवानों को मिलेगा आधुनिक तकनीकी मार्गदर्शन
लंबे समय से बागवानी विभाग में फील्ड स्टाफ की कमी महसूस की जा रही थी। इस कमी के कारण बागवानों तक आधुनिक कृषि तकनीक, रोगों पर नियंत्रण, बेहतर पौध प्रबंधन और फसलों के विविधीकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां नहीं पहुंच पा रही थीं। नए अधिकारियों और विस्तार कर्मियों की नियुक्ति होने से विभाग की पहुंच गांव-गांव तक बढ़ेगी। इससे बागवानों को विशेषज्ञ सलाह लेने में आसानी होगी और वे अपनी फसल की गुणवत्ता व पैदावार में सुधार कर सकेंगे।

एचपी शिवा परियोजना की समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ‘एचपी शिवा’ परियोजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लक्ष्य राज्य में पारंपरिक खेती के स्थान पर उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों को बढ़ावा देना है। इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश में जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई प्रणालियों के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परियोजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि किसानों की आय में जल्द से जल्द वृद्धि हो सके।

भर्ती और विकास के मुख्य बिंदु

  • कुल पद: बागवानी विभाग में कुल 450 नए पद भरे जाएंगे।

  • श्रेणीवार पद: 50 बागवानी विकास अधिकारी, 100 बागवानी विस्तार अधिकारी और 300 मल्टी टास्क वर्कर।

  • कैबिनेट की मंजूरी: आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में इन पदों को अंतिम स्वीकृति दी जाएगी।

  • शिवा परियोजना: विश्व बैंक के सहयोग से उच्च मूल्य वाली फसलों और आधुनिक सिंचाई पर ध्यान।

  • लाभ: तकनीकी मार्गदर्शन और रोग नियंत्रण सेवाओं में सुधार होगा।

मुख्यमंत्री के इस निर्णय से न केवल बागवानी क्षेत्र की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इस सेक्टर को नई गति मिलेगी। जनजातीय क्षेत्रों में चल रही विकास गतिविधियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां के बागवानों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी बल दिया। इन भर्तियों से राज्य के उन युवाओं को भी लाभ होगा जो कृषि और बागवानी के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं।

 

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