शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की डगमगाई वित्तीय स्थिति और पिछले साल की प्राकृतिक आपदा के कारण रोक दी गई विधायक क्षेत्र विकास निधि को छह महीने के लंबे अंतराल के बाद फिर से बहाल कर दिया है। योजना विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए प्रदेश के सभी 68 विधायकों के लिए चालू वित्त वर्ष की पहली किस्त के रूप में 18.70 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में लंबे समय से अटके हुए विकास कार्यों को एक बार फिर नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रत्येक विधायक को मिली पहली किस्त
प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई इस पहली किस्त के तहत मुख्यमंत्री, मंत्रियों सहित सभी 68 विधायकों के खाते में 27.50-27.50 लाख रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। योजना विभाग के अनुसार, इस धनराशि का उपयोग विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जनहित से जुड़े छोटे और बड़े विकास कार्यों को पूरा करने के लिए कर सकेंगे। पिछले साल मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश ने भीषण आपदा का सामना किया था, जिसके बाद राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए संसाधनों को जुटाने हेतु इस निधि पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी।
बजट में की गई 50 प्रतिशत की कटौती
भले ही सरकार ने विधायक निधि को दोबारा शुरू कर दिया है, लेकिन राज्य की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए बजट में भारी कटौती भी की गई है। चालू वित्त वर्ष (2026-27) के लिए सरकार ने प्रत्येक विधायक की वार्षिक निधि को 2.20 करोड़ रुपये से घटाकर 1.10 करोड़ रुपये कर दिया है। यानी अब विधायकों को विकास कार्यों के लिए पहले की तुलना में आधी राशि ही उपलब्ध होगी। सरकार का मानना है कि आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कटौती आवश्यक थी।
किस्तों के माध्यम से होगा भुगतान
सरकार ने निधि वितरण की व्यवस्था में भी बदलाव किया है। पहले की तुलना में अब इस राशि को अधिक किस्तों में बांटा गया है। इस वर्ष विधायकों को मिलने वाली 1.10 करोड़ रुपये की कुल राशि चार समान किस्तों में प्रदान की जाएगी। इसकी पहली किस्त जारी हो चुकी है और आगामी महीनों में तीन और किस्तें जारी की जाएंगी। यदि पिछले वित्त वर्ष (2025-26) की तुलना करें, तो उस दौरान विधायकों को 55-55 लाख रुपये की केवल दो ही किस्तें मिल सकी थीं, जिसके बाद आपदा के कारण शेष राशि पर रोक लगा दी गई थी।
विधायक क्षेत्र विकास निधि से जुड़ी मुख्य जानकारी
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कुल वार्षिक निधि: प्रति विधायक 1.10 करोड़ रुपये (पहले 2.20 करोड़ थी)।
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पहली किस्त की राशि: प्रत्येक विधायक को 27.50 लाख रुपये जारी।
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कुल लाभार्थी विधायक: हिमाचल प्रदेश के सभी 68 विधायक।
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कुल जारी राशि: पहले चरण में कुल 18.70 करोड़ रुपये का आवंटन।
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वितरण योजना: पूरे साल का बजट चार अलग-अलग किस्तों में दिया जाएगा।
विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार
पिछले छह महीनों से इस निधि के बंद होने के कारण विधायकों को अपने क्षेत्रों में नई घोषणाएं करने और चल रहे कार्यों के भुगतान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। आपदा के समय राज्य सरकार ने पूरा ध्यान प्रभावितों की मदद और बुनियादी ढांचे की मरम्मत पर केंद्रित किया था, जिसके चलते विकास निधि को डाइवर्ट करना पड़ा था। अब इस निधि की बहाली से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश में आर्थिक सुधारों के बीच यह कदम विधायकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। हालांकि, बजट में हुई कटौती के कारण अब विधायकों को अपने प्राथमिकता वाले कार्यों के चयन में अधिक सावधानी बरतनी होगी ताकि सीमित संसाधनों में अधिकतम विकास सुनिश्चित किया जा सके।
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