मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष अब भीषण सीमा पार हमलों के दौर में पहुंच गया है। सोमवार को यूक्रेन ने रूस की हृदयस्थली यानी राजधानी मॉस्को को निशाना बनाते हुए एक साथ दर्जनों ड्रोन से हमला बोल दिया। इस बड़े हवाई हमले ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि मॉस्को के निवासियों के बीच भारी दहशत पैदा कर दी। हमले की गंभीरता और संभावित खतरों को देखते हुए रूसी प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से मॉस्को के चार प्रमुख हवाई अड्डों को अस्थाई रूप से बंद कर दिया और सभी घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगा दी।
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इस हमले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सोमवार सुबह यूक्रेनी सेना ने एक संगठित तरीके से कई ड्रोन विमानों को मॉस्को की ओर भेजा था। सोबयानिन ने टेलीग्राम के माध्यम से पुष्टि की कि रूस की मुस्तैद वायु रक्षा प्रणालियों (एयर डिफेंस सिस्टम) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आकाश में ही कुल 59 ड्रोनों को मार गिराया। मेयर के अनुसार, हवाई अड्डों को बंद करने का निर्णय इसलिए लिया गया ताकि मलबे या किसी भी अनहोनी से यात्री विमानों को बचाया जा सके।
रूसी अधिकारियों ने इस हमले को हाल के समय का सबसे बड़ा ड्रोन हमला करार दिया है। उनका दावा है कि रूसी वायु सेना और तकनीकी निगरानी तंत्र की सतर्कता के कारण एक बड़ी तबाही को समय रहते टाल दिया गया। हालांकि, आसमान में ड्रोनों के फटने और एंटी-एयरक्राफ्ट गन की आवाजों से शहर का माहौल काफी देर तक तनावपूर्ण बना रहा। हवाई अड्डों पर फंसे हजारों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा, क्योंकि उड़ानों के डायवर्जन और रद्दीकरण से पूरी हवाई यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
इस बड़े हमले से ठीक एक दिन पहले यानी रविवार की शाम को रूस ने भी यूक्रेन के खिलाफ अपनी आक्रामक सैन्य कार्रवाई जारी रखी थी। रूसी सेना ने यूक्रेन के दक्षिणी हिस्से में स्थित ओडेसा क्षेत्र पर घातक इस्कंदर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। इस हमले के परिणाम काफी दुखद रहे, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ओडेसा से मिली रिपोर्टों के अनुसार, यह मिसाइल एक कृषि संयंत्र पर गिरी, जिसके बाद वहां भीषण आग लग गई।
मिसाइल हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि संयंत्र परिसर में खड़े कई वाहन और ईंधन के भंडारण टैंक आग की लपटों की चपेट में आ गए। आग बुझाने के लिए स्थानीय प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि कृषि क्षेत्र को निशाना बनाए जाने से क्षेत्र की रसद व्यवस्था को भी नुकसान पहुँचा है। फिलहाल प्रभावित स्थल पर आपातकालीन सेवाओं की टीमें तैनात हैं और मलबे को हटाने के साथ-साथ नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
रूस और यूक्रेन की ओर से एक-दूसरे के शहरों को निशाना बनाने की इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। जहां मॉस्को में ड्रोनों के जरिए जनजीवन को बाधित करने की कोशिश की गई, वहीं ओडेसा में बैलिस्टिक मिसाइलों ने जान-माल का नुकसान किया। युद्ध के इस बदलते स्वरूप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दोनों पक्ष अब सीधे टकराव के साथ-साथ एक-दूसरे के बुनियादी ढांचे और रिहायशी इलाकों के करीब हमले कर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। फिलहाल मॉस्को के हवाई अड्डों पर स्थिति धीरे-धीरे सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अब भी हाई अलर्ट पर हैं।
Pls read:Russia: मॉस्को में यूक्रेन के ऑयल रिफाइनरी में धमाके के बाद मची भारी तबाही