देहरादून। उत्तराखंड में आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी कमर कस ली है। प्रदेश कांग्रेस कैंपेनिंग कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी के आगामी व्यापक प्रचार-प्रसार कार्यक्रम का आधिकारिक एलान किया। कांग्रेस की इस नई रणनीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में चुनावी गति को मजबूती देना और जन-जन तक पहुंचकर सत्तारूढ़ सरकार की विफलताओं को उजागर करना है। प्रीतम सिंह ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस बार बेहद संगठित तरीके से जनता के बीच जाएगी और चार अलग-अलग चरणों में पूरे प्रदेश को मथने का काम करेगी।
कांग्रेस द्वारा घोषित इस कार्यक्रम के अनुसार, प्रचार अभियान का पहला चरण 28 जून से प्रारंभ होगा। पहले दौर में कुमाऊं के पहाड़ी जिलों पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस क्षेत्र में प्रचार अभियान की कमान गणेश गोदियाल संभालेंगे। गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी इन जिलों की हर विधानसभा में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करेगी और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
दूसरे दौर के अभियान की जिम्मेदारी पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को सौंपी गई है। वे रुद्रप्रयाग, पौड़ी और चमोली जिलों में पार्टी के प्रचार अभियान की अध्यक्षता करेंगे। गढ़वाल के इन महत्वपूर्ण जिलों में हरक सिंह रावत का राजनीतिक अनुभव पार्टी के लिए काफी अहम माना जा रहा है। तीसरे चरण में उत्तरकाशी और टिहरी जिलों में पार्टी की कमान खुद कैंपेनिंग कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह संभालेंगे। उनके साथ उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक विक्रम सिंह नेगी भी मोर्चे पर रहेंगे। ये तीनों नेता मिलकर टिहरी और उत्तरकाशी की पहाड़ियों में कांग्रेस की पैठ मजबूत करेंगे।
चौथे चरण के तहत अल्मोड़ा और नैनीताल जिलों में प्रचार का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन महारा करेंगे। वे इन जिलों में जनसभाओं और रैलियों के माध्यम से सरकार के खिलाफ माहौल तैयार करेंगे। पार्टी की इस रणनीति में सबसे खास बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे। ये दोनों दिग्गज नेता पूरे प्रदेश की हर विधानसभा सीट पर जाने का प्रयास करेंगे, ताकि पार्टी के पक्ष में एक मजबूत लहर तैयार की जा सके।
प्रीतम सिंह ने जानकारी दी कि इन चार चरणों में पहाड़ी क्षेत्रों को कवर करने के बाद कांग्रेस का पूरा ध्यान मैदानी विधानसभा क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। इसके तहत देहरादून, ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार जिलों में एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। पार्टी का मानना है कि मैदानों में जीत का रास्ता साफ करने के लिए पहले पहाड़ों में अपनी स्थिति मजबूत करना अनिवार्य है। यह पूरा सघन अभियान 15 जुलाई तक चलेगा।
सरकार पर हमला बोलते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार अपने चुनावी वादों के ठीक विपरीत कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और भ्रष्टाचार चरम पर है। कांग्रेस इस अभियान के दौरान भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को मुख्य मुद्दा बनाएगी। उन्होंने कहा कि जनता अब सरकार की असलियत समझ चुकी है और कांग्रेस इस जनविरोधी शासन के खिलाफ अंतिम छोर तक संघर्ष करेगी। 15 जुलाई को चौथे चरण की समाप्ति तक कांग्रेस हर घर तक अपनी आवाज पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस रणनीति से साफ है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड की सियासत में जबरदस्त गर्मी देखने को मिलेगी।