अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को रामनगरी अयोध्या का दौरा किया। अपने इस महत्वपूर्ण प्रवास के दौरान उन्होंने जनपद के सर्वांगीण विकास के संकल्प को दोहराते हुए 245 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अयोध्या का विकास और श्री राम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा उनकी सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। विकास कार्यों की सौगात देने के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा और उन पर अयोध्या की प्रगति में बाधक बनने का आरोप लगाया।
हाल के दिनों में चर्चा का विषय बने राम मंदिर के चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं के मामले पर मुख्यमंत्री ने पहली बार सार्वजनिक मंच से अपनी बात रखी। उन्होंने जनता और राम भक्तों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण को लेकर शासन पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने बताया कि मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया जा चुका है, जो हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है। योगी आदित्यनाथ ने कड़े शब्दों में कहा कि बहुत जल्द इस मामले में ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जाएगा और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंदिर के चढ़ावे के साथ हेराफेरी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
राजनीतिक प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज जो लोग राम मंदिर और अयोध्या को लेकर सवाल उठा रहे हैं, उनका इतिहास जगजाहिर है। मुख्यमंत्री ने अतीत की उन काली घटनाओं की याद दिलाई जब अयोध्या की सड़कों पर राम भक्तों का खून बहा था। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान निहत्थे राम भक्तों पर गोलियां चलवाई गई थीं। योगी आदित्यनाथ ने तीखा हमला करते हुए कहा कि राम भक्तों पर गोली चलवाने वाले और उनके अधिकारों को कुचलने वाले लोग आज हमें धर्म और नैतिकता का उपदेश दे रहे हैं, जो न केवल हास्यास्पद है बल्कि प्रदेश की जनता के साथ एक भद्दा मजाक भी है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ राजनीतिक शक्तियां और लोग ऐसे हैं जो यह बिल्कुल नहीं चाहते कि अयोध्या का नाम वैश्विक स्तर पर चमके। उनके अनुसार, विपक्ष अयोध्या की नई पहचान और इसके भव्य स्वरूप से घबराया हुआ है, इसलिए वे लगातार विकास कार्यों में अड़ंगे लगाने और भ्रामक प्रचार करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अयोध्या अब एक अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित हो रही है और करोड़ों लोगों की आस्था के इस केंद्र को सुरक्षित और सुंदर बनाना उनकी सरकार का मिशन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप अयोध्या में जो बदलाव आ रहे हैं, वे ऐतिहासिक हैं। सड़कों का चौड़ीकरण, आधुनिक बुनियादी ढांचा और भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि विकास की इस प्रक्रिया को कोई रोक नहीं सकता। योगी आदित्यनाथ ने अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या की मर्यादा और सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए वचनबद्ध है। उनके इस दौरे और करोड़ों की योजनाओं ने यह साफ कर दिया है कि आगामी समय में अयोध्या को लेकर सरकार की योजनाएं और भी बड़ी होने वाली हैं।