Uttarakhand: आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ की अधिकांश मांगें मंजूर और मदन कौशिक के आश्वासन पर खत्म हुई हड़ताल

देहरादून। उत्तराखंड के आयुष मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों और राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों की लंबे समय से लंबित मांगों पर विचार करना और विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार लाना था। चर्चा के दौरान सरकार ने संघ द्वारा प्रस्तुत की गई सात प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया, जिससे चिकित्सकों और सरकार के बीच बना गतिरोध अब समाप्त हो गया है।

मदन कौशिक ने बताया कि संघ की मांगों पर सरकार ने सहानुभूतिपूर्वक विचार किया है और कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई है। इनमें सबसे प्रमुख मांग चिकित्सा संवर्ग में विभागीय अपर निदेशक के रिक्त पद पर पदोन्नति को लेकर थी। इस विषय पर निर्णय लेते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी डेढ़ महीने के भीतर पदोन्नति की प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों (एसीआर) के समय पर न भरे जाने के कारण होने वाली समस्याओं को देखते हुए यह तय किया गया कि एक माह के भीतर ऐसे सभी प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। इससे चिकित्सकों की करियर प्रगति में आने वाली प्रशासनिक बाधाएं दूर होंगी।

विभागीय ढांचे के पुनर्गठन को लेकर भी बैठक में विस्तृत विमर्श हुआ। चिकित्सकों की मांग है कि विभाग में पदोन्नति के अवसरों में वृद्धि की जाए ताकि सेवा के दौरान उन्हें बेहतर भविष्य मिल सके। मदन कौशिक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मांग के अनुरूप ढांचे के नवीनीकरण की योजना तैयार करें और इस दिशा में यथाशीघ्र प्रभावी कदम उठाएं। साथ ही, तकनीक के उपयोग से जुड़ी समस्याओं पर भी गौर किया गया। मोबाइल ऐप और आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के कारण फील्ड में काम करने वाले चिकित्सकों को होने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए भी अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए।

सरकार के इस सहयोगात्मक व्यवहार के बाद राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ ने अपनी हड़ताल को वापस लेने का ऐलान कर दिया है। संघ के पदाधिकारियों ने सरकार द्वारा तय की गई समय-सीमा और आश्वासनों पर अपनी संतुष्टि व्यक्त की। बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि आगामी 21 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विभाग के सभी कर्मचारी और चिकित्सक बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करेंगे। संघ ने प्रतिबद्धता जताई है कि वे पूरे प्रदेश में योग के प्रति एक बेहतर माहौल तैयार करने और इस वैश्विक आयोजन को सफल बनाने में शासन का पूरा सहयोग करेंगे।

इस समीक्षा बैठक में आयुष सचिव रंजना राजगुरू और अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे भी उपस्थित रहे। उन्होंने मंत्री को आश्वस्त किया कि बैठक में लिए गए निर्णयों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाएगा। संघ की ओर से विभिन्न पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी और भविष्य में भी संवाद के जरिए समस्याओं के समाधान की आशा व्यक्त की। इस समझौते के बाद राज्य की आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवाओं के सुचारू संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिससे आम जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। मंत्री ने अंत में निर्देश दिए कि विभाग की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।

 

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