चंडीगढ़। सेक्टर-11 स्थित एक मेडिकल स्टोर पर हुई हालिया फायरिंग की वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद यूटी प्रशासन सलाहकार परिषद के सदस्य और जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता अजय जग्गा ने गहरा क्षोभ और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने शहर की कानून-व्यवस्था और संसाधनों पर बढ़ते बोझ को लेकर यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को एक औपचारिक पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे शहर में अवैध रूप से चल रहे पेइंग गेस्ट (पीजी), हॉस्टल और होटलों के खिलाफ एक विशेष और सघन अभियान चलाया जाना चाहिए।
अजय जग्गा ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि सेक्टर-11 जैसी घटनाएं केवल आपराधिक मानसिकता का परिणाम नहीं हैं, बल्कि यह शहर के बुनियादी ढांचे और संसाधनों पर अनियंत्रित रूप से बढ़ रहे दबाव का भी संकेत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ में वर्तमान में बड़ी संख्या में ऐसे लोग निवास कर रहे हैं जिनका न तो कोई आधिकारिक रिकॉर्ड है और न ही पुलिस द्वारा उनका सत्यापन किया गया है। जग्गा के अनुसार, शहर के विभिन्न हिस्सों में बिना पंजीकरण और बिना उचित अनुमति के चल रहे पीजी और हॉस्टल इन बाहरी तत्वों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बनते जा रहे हैं, जो कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है।
प्रशासक को लिखे पत्र में अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि कई निजी संस्थान और मकान मालिक पीजी के नाम पर व्यापारिक गतिविधियां चला रहे हैं, लेकिन वे प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं की पूरी तरह अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन और पुलिस को मिलकर एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन करना चाहिए। यह टीम शहर के हर घर, होटल और हॉस्टल की जांच करे और वहां रह रहे सभी किरायेदारों, मेहमानों और पीजी निवासियों का तत्काल सत्यापन सुनिश्चित करे।
अजय जग्गा ने जोर देकर कहा कि जो भी संस्थान नियमों के विरुद्ध और बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं, उनकी पहचान कर उन्हें तुरंत सील किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और खुफिया तंत्र को और अधिक सक्रिय किया जाए ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन अवैध आवासों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आपराधिक तत्व कानूनी खामियों का लाभ उठाकर शहर की शांति को भंग करते रहेंगे।
पत्र के माध्यम से उन्होंने प्रशासन को याद दिलाया कि चंडीगढ़ के नागरिकों की सुरक्षा और अमन-चैन बनाए रखना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। अजय जग्गा ने प्रशासक से इस संवेदनशील मुद्दे पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाने और कठोर कदम उठाने का आग्रह किया है ताकि भविष्य में ऐसी हिंसक वारदातों को रोका जा सके। इस पत्र के बाद अब प्रशासन के अगले कदम पर शहरवासियों की नजरें टिकी हुई हैं।