Uttarakhand: पौड़ी को मिला आधुनिक विज्ञान संग्रहालय और कंडोलिया महोत्सव अब होगा राजकीय आयोजन

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के अपने भ्रमण के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और करोड़ों की परियोजनाओं का उपहार दिया। मुख्यमंत्री ने श्रीनगर रोड पर जिला प्रशासन द्वारा तैयार किए गए डॉ. अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण किया और इसके साथ ही प्रसिद्ध कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पौड़ी जनपद के लिए 110.55 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 19 विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें से 14 योजनाओं का शिलान्यास और 5 योजनाओं का लोकार्पण संपन्न हुआ।

श्रीनगर रोड स्थित नवनिर्मित विज्ञान संग्रहालय का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद वैज्ञानिक गतिविधियों और प्रयोगात्मक शिक्षण व्यवस्थाओं की गहरी जानकारी ली। उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया और उनके द्वारा बनाए गए विज्ञान मॉडलों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय केवल प्रदर्शनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह युवाओं और विद्यार्थियों के लिए नवाचार और आधुनिक शिक्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने स्वयं भी कई वैज्ञानिक प्रदर्शनों में हिस्सा लिया और कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों में अनुसंधान की भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में मील का पत्थर साबित होंगे।

संग्रहालय के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री कंडोलिया मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके उपरांत उन्होंने रामलीला मैदान में कंडोलिया पौड़ी महोत्सव का उद्घाटन किया। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की कि अब कंडोलिया महोत्सव को राजकीय महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा और इसे सरकारी कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव उत्तराखंड की लोक परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को मंच देने का एक सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड ‘विकास और विरासत’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश के 33 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी गई हैं। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून उत्तराखंड में लागू किया गया है।

राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक सुरक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण विरोधी कानून और सख्त भू-कानून जैसे निर्णय प्रदेश के मूल स्वरूप को बचाने के लिए लिए गए हैं। उन्होंने पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्र में चल रही बड़ी परियोजनाओं जैसे प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी, एनआईटी परिसर, सिंगटाली पुल, झील निर्माण और सड़कों के चौड़ीकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि ये सभी योजनाएं क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी।

इस भव्य कार्यक्रम के दौरान विधायक राजकुमार पोरी, दलीप सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अण्थवाल, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया, एसएसपी सर्वेश पंवार और मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के इस दौरे से क्षेत्र के विकास को नई ऊर्जा मिली है और 110 करोड़ की योजनाओं से स्थानीय बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।

 

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