हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की देवांशी शर्मा ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वह अपने क्षेत्र की पहली ऐसी महिला बन गई हैं जिन्हें वायुसेना में यह गौरवपूर्ण पद प्राप्त हुआ है। देवांशी अब फाइटर जेट उड़ाकर देश की सीमाओं की रक्षा करेंगी। उनकी इस सफलता से न केवल उनके पैतृक गांव में बल्कि पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है।
देवांशी शर्मा नादौन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नौहंगी पंचायत के समहूं गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता राजेश शर्मा पेशे से इंजीनियर हैं और वर्तमान में एनटीपीसी रायबरेली में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता नीना शर्मा ने उनकी इस सफलता में सबसे बड़ी शक्ति और प्रेरणा के रूप में भूमिका निभाई है। देवांशी के परिवार का रक्षा सेवाओं से पुराना और गहरा नाता रहा है। उन्हें सेना में शामिल होने का जज्बा अपने नाना, सेवानिवृत्त कर्नल रोशन लाल शर्मा से मिला। इसके अलावा, देवांशी के दादा डॉ. ओपी शर्मा एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व रहे हैं, जिन्हें वर्ष 2026 में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा ‘हिमाचल गौरव’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
शिक्षा के क्षेत्र में देवांशी बचपन से ही काफी मेधावी रही हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बिलासपुर जिले के बरमाण स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल से पूरी की, जहाँ उन्होंने दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में बेहतरीन अंक प्राप्त किए। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय का रुख किया और वहां से भौतिकी (ऑनर्स) में स्नातक की डिग्री हासिल की। रक्षा सेवाओं के प्रति उनकी रुचि इतनी अधिक थी कि उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से रक्षा एवं सामरिक अध्ययन (डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज) में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की।
अपनी स्नातकोत्तर पढ़ाई के दौरान ही देवांशी ने वायुसेना की कठिन परीक्षा ‘एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट’ (AFCAT) उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने चुनौतीपूर्ण एसएसबी साक्षात्कार को सफलतापूर्वक पास किया और भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षण के लिए चुनी गईं। उनका कड़ा प्रशिक्षण जून 2025 में तेलंगाना के सिकंदराबाद स्थित एयरफोर्स अकादमी में शुरू हुआ था। एक साल के कठिन शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण के बाद, 13 जून 2026 को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में उन्हें आधिकारिक रूप से फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्रदान किया गया।
इस गौरवपूर्ण समारोह के दौरान ‘पाइपिंग सेरेमनी’ आयोजित की गई, जिसमें देवांशी के माता-पिता ने स्वयं उनके कंधों पर अधिकारी रैंक के बैज लगाए। अपनी बेटी को वायुसेना की वर्दी में और अधिकारी के रूप में देखकर राजेश शर्मा और नीना शर्मा भावुक हो उठे। राजेश शर्मा ने बताया कि देवांशी का बचपन से ही यह सपना था कि वह वर्दी पहनकर देश की सेवा करे। आज उस सपने को हकीकत में बदलते देख पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है।
देवांशी शर्मा की इस उपलब्धि ने क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का एक नया द्वार खोल दिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका मानना है कि देवांशी ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य बड़ा हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। अब हिमाचल की यह बेटी आसमान की ऊंचाइयों में फाइटर जेट के साथ देश की सुरक्षा का जिम्मा संभालेगी।