Delhi: बिहार के सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग मामले पर छिड़ा सियासी संग्राम

पटना। बिहार बंद के दौरान सिवान में प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस द्वारा AK-47 से हवाई फायरिंग किए जाने की घटना ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। 25 जुलाई को हुई इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने हालांकि दोषी सिपाही पर कार्रवाई की है, लेकिन विपक्ष ने इसे कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का मुद्दा बनाकर सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है।


सिपाही निलंबित और विभागीय जांच शुरू
सिवान में प्रदर्शन के दौरान हवाई फायरिंग करने वाले सिपाही अभिषेक कुमार पटेल को पुलिस विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के बाद सिवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने यह कार्रवाई सुनिश्चित की। आरोपी सिपाही के विरुद्ध अब विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा सके। हालांकि, सिपाही का निलंबन विपक्ष के गुस्से को शांत करने में विफल रहा है और उन्होंने जिले के उच्चाधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है।


प्रियंका गांधी और डिंपल यादव ने साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना को लेकर केंद्र और बिहार सरकार पर तीखे सवाल दागे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन करने वाले छात्र आतंकवादी हैं, जो उनके खिलाफ AK-47 और पेलेट गन जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने छात्राओं के अधिकारों और उनके माता-पिता को कथित रूप से धमकाने के मामले पर भी चिंता व्यक्त की। वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी इस घटना को निंदनीय करार देते हुए कहा कि भाजपा के शासन में युवाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं और लोकतंत्र की भावना को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।


तेजस्वी यादव ने पुलिस मैनुअल पर उठाए सवाल
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को पुलिस मैनुअल का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए सरकार से पूछा कि क्या भविष्य में वकीलों, डॉक्टरों, शिक्षकों और किसानों के प्रदर्शनों को भी इसी तरह बंदूकों के दम पर रोका जाएगा। तेजस्वी यादव ने मांग की कि इस मामले में केवल सिपाही की बलि चढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिले के एसपी और अन्य उच्च अधिकारियों को भी निलंबित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री की जवाबदेही तय न होने से प्रदेश में अराजकता की स्थिति पैदा हो सकती है।


भाजपा का पलटवार और संबित पात्रा की चुनौती
विपक्ष के इन तीखे हमलों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने भी कड़ा जवाब दिया है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बताया है। पात्रा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को बिना तथ्यों के ऐसे गंभीर आरोप नहीं लगाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का एकमात्र उद्देश्य किसी समस्या का समाधान ढूंढना नहीं, बल्कि देश में कृत्रिम आक्रोश पैदा करना और अराजकता फैलाना है। भाजपा ने मांग की कि राहुल गांधी को इस तरह के निराधार दावों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।


संवैधानिक अधिकारों और सुरक्षा के बीच तनाव
सिवान की इस घटना ने एक बार फिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। जहां प्रशासन इसे एक व्यक्तिगत पुलिसकर्मी की गलती बताकर कार्रवाई कर रहा है, वहीं राजनीतिक दल इसे एक बड़ी प्रशासनिक विफलता के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और पुलिस मुख्यालय इस मामले की जांच के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

 

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