धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने कांगड़ा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गग्गल एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान सरकार ने न केवल जमीन मालिकों को उचित मुआवजा देने का निर्णय लिया है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन परिवारों की भी मदद की है जिनके पास जमीन का मालिकाना हक नहीं था। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक ऐतिहासिक फैसले के तहत उन 113 परिवारों के लिए 16.76 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है, जो एयरपोर्ट के पास सरकारी भूमि पर दुकानें या अन्य व्यवसाय चला रहे थे।
राज्य सरकार का यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आमतौर पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाओं में केवल उन्हीं लोगों को मुआवजा दिया जाता है जिनके पास वैध भूमि दस्तावेज होते हैं। सरकारी भूमि पर व्यवसाय करने वाले लोगों को अक्सर ऐसी परियोजनाओं के दौरान बिना किसी वित्तीय सहायता के बेदखल कर दिया जाता है। लेकिन सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक संवेदनशील रुख अपनाते हुए इन छोटे व्यवसायियों के पुनर्वास और उनकी आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस भारी-भरकम राशि को मंजूरी दी है।
डिप्टी चीफ व्हिप केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री के इस करुणामयी दृष्टिकोण के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू हमेशा समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। पठानिया ने यह भी रेखांकित किया कि देश में संभवतः यह पहला ऐसा मामला है जहां सरकार किसी भूमि अधिग्रहण परियोजना के सिलसिले में सरकारी जमीन पर व्यवसाय करने वाले लोगों को भी वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। उनके अनुसार, यह निर्णय मुख्यमंत्री की उस सोच को दर्शाता है जिसमें विकास के साथ-साथ आम आदमी के हितों की रक्षा को प्राथमिकता दी जाती है।
केवल सिंह पठानिया ने आगे बताया कि वर्तमान प्रदेश सरकार गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का समर्थन करने के लिए समर्पित है। सरकार का यह निर्णय प्रभावित लोगों को अपना जीवन फिर से संवारने और अपनी आजीविका को निरंतर जारी रखने में बड़ी मदद प्रदान करेगा। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री के कांगड़ा दौरे के दौरान कई प्रतिनिधिमंडलों ने उनसे मुलाकात की थी और इन छोटे दुकानदारों के लिए वित्तीय सहायता की गुहार लगाई थी। इस सहायता को मंजूरी देकर मुख्यमंत्री ने एक बार फिर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और सरोकार का परिचय दिया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार कांगड़ा जिले को प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस क्षेत्र में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पहले ही कई बड़ी पर्यटन परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। गग्गल एयरपोर्ट का विस्तार इसी रणनीति का एक अहम हिस्सा है। हवाई अड्डे के विस्तार से कांगड़ा जिले में उच्च श्रेणी के पर्यटकों (हाई-एंड टूरिस्ट) का आवागमन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई मिलेगी, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भी क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि विकास की इस दौड़ में कोई भी पीछे न छूटे, इसी उद्देश्य के साथ विस्थापितों और प्रभावितों के लिए उदार मुआवजे की नीति अपनाई गई है।
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