लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और सामाजिक न्याय से जुड़े 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई। मंत्रिमंडल विस्तार और नए मंत्रियों को विभागों के आवंटन के बाद हुई इस पहली कैबिनेट बैठक में सरकार ने चुनावी समीकरणों और बुनियादी ढांचे के विकास के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर हुई इस बैठक में लिए गए निर्णयों का सीधा असर पंचायत चुनावों, स्वास्थ्य सेवाओं और शहरी परिवहन पर पड़ेगा।
कैबिनेट का सबसे प्रमुख और बहुप्रतीक्षित फैसला ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ के गठन को मंजूरी देना रहा। यह आयोग राज्य में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण की सीमा और स्वरूप को निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। नया ओबीसी आयोग प्रदेश के सभी 75 जिलों का दौरा करेगा, जहां वह जातिवार जनगणना और आर्थिक आंकड़ों की गहन समीक्षा करेगा। आयोग द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायत चुनावों में आरक्षण की व्यवस्था लागू की जाएगी। इस कदम से पंचायत चुनावों को लेकर लंबे समय से चली आ रही तकनीकी बाधाएं दूर होने की उम्मीद है।
परिवहन के क्षेत्र में भी सरकार ने राजधानी लखनऊ और ताजनगरी आगरा के लिए बड़े फैसले लिए हैं। लखनऊ मेट्रो के विस्तार के तहत चारबाग से बसंतकुंज तक ‘ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर’ के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसके लिए भूमि आवंटन के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी कैबिनेट ने मुहर लगा दी। इस विस्तार से लखनऊ के दक्षिणी हिस्से को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और शहर का ट्रांसपोर्ट सिस्टम और अधिक मजबूत होगा। इसी प्रकार आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण और मेट्रो स्टेशन निर्माण के प्रस्तावों को भी स्वीकृत किया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मिर्जापुर में ‘सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी’ के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 1010 बेड वाले अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी इमरजेंसी सेंटर के निर्माण को मंजूरी दी गई है। साथ ही प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के विस्तार की योजना को भी हरी झंडी मिली है। पशु चिकित्सा के क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए योगी सरकार ने बड़ी राहत दी है। पशु चिकित्सा छात्रों का मासिक इंटर्नशिप भत्ता अब 4,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 12,000 रुपये कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान करने और ‘यूपी जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमावली 2026’ को लागू करने का भी निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के नियमों में संशोधन और मिर्जापुर में नए पूलिंग उपकेंद्र व ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है। सरकार के इन फैसलों से स्पष्ट है कि वह विकास की गति को तेज करने के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों के हितों का संरक्षण करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ मंत्रिमंडल के अन्य वरिष्ठ सहयोगी और अधिकारी उपस्थित रहे।
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