चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई हालिया छापेमारी में नाम आने के बाद पंजाब सरकार के मंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में अपनी बात रखते हुए जांच एजेंसियों को खुली चुनौती दी है। अमन अरोड़ा ने कहा कि वे किसी भी स्तर की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं और यदि इस मामले में उनके खिलाफ एक भी सबूत मिलता है या वह दोषी सिद्ध होते हैं, तो वह तुरंत राजनीति से सन्यास ले लेंगे।
चंडीगढ़ में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए अमन अरोड़ा ने पूरे घटनाक्रम पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जब छापेमारी और नकदी से भरे बैगों की खबरें मीडिया में चल रही थीं, तब वह खुद भी इसे देख रहे थे और हैरान थे। लेकिन उनकी हैरानी और बढ़ गई जब शाम के वक्त प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी दूसरी प्रेस विज्ञप्ति में अचानक उनका नाम शामिल कर दिया गया। अरोड़ा ने आरोप लगाया कि यह सब उन्हें राजनीतिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया है।
अमन अरोड़ा ने जांच प्रक्रिया की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहली विज्ञप्ति में उनके नाम का कोई जिक्र नहीं था, लेकिन बाद में जानबूझकर दूसरी विज्ञप्ति जारी कर उनका और गौरव धीर का नाम उसमें जोड़ा गया। उन्होंने इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए कहा कि दोपहर से शाम तक कहानी को जिस तरह बदला गया, वह संदेह पैदा करता है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें और गौरव धीर को बदनाम करने के लिए ही यह पूरी पटकथा लिखी गई है।
मामले में अन्य व्यक्तियों के साथ अपने संबंधों पर भी अरोड़ा ने खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि गौरव धीर उनके बहुत पुराने और करीबी मित्र हैं और यह दोस्ती पिछले 22 सालों से चली आ रही है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि महज दोस्ती के आधार पर उनका नाम किसी घोटाले या विवाद से कैसे जोड़ा जा सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि उनका कोई मित्र किसी जांच के दायरे में आता है, तो इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि वह भी उसमें शामिल हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईडी की लिस्ट में शामिल अन्य कई नामों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है और वे नाम उन्होंने पहली बार ही सुने हैं।
मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे और जहां भी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा, वह वहां उपस्थित होंगे। उन्होंने दोहराया कि उनकी राजनीति ईमानदारी पर आधारित है और अगर उनकी बेदाग छवि पर कोई भी आंच आती है और आरोप साबित होते हैं, तो वह सार्वजनिक जीवन का त्याग कर देंगे।
अमन अरोड़ा के इस आक्रामक बयान के बाद पंजाब के सियासी हलकों में नई बहस छिड़ गई है। आम आदमी पार्टी इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बता रही है, जबकि विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी कर रहे हैं। फिलहाल, ईडी की जांच और कार्रवाई जारी है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इस प्रकरण में क्या नए तथ्य सामने आते हैं।
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