फतेहगढ़ चूड़ियां (गुरदासपुर)। पंजाब के गुरदासपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली
वारदात सामने आई है, जहां घरेलू विवाद के चलते एक व्यक्ति ने खूनी खेल खेलते हुए
पहले अपनी पत्नी की हत्या कर दी और फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह
घटना थाना घनिए के बांगर के अंतर्गत आने वाले गांव कादियां राजपूतां की है।
रविवार शाम हुई इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल बना हुआ
है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान 52 वर्षीय बरिंदर सिंह उर्फ
बिंदा और उसकी 35 वर्षीय पत्नी परमसुनील कौर उर्फ शैली के रूप में हुई है।
बरिंदर सिंह अलीवाल क्षेत्र में टेलीकॉम की एक दुकान चलाता था। बताया जा
रहा है कि रविवार शाम करीब 6 बजे बरिंदर सिंह ब्यास से काम निपटाकर वापस अपने घर
लौटा था। लगभग उसी समय उसकी पत्नी शैली भी अपनी एक्टिवा पर सवार होकर घर पहुंची
थी।
घर के भीतर एक बंद कमरे में दोनों के बीच किसी पुरानी बात को लेकर बहस शुरू हो गई।
देखते ही देखते यह बहस इतनी उग्र हो गई कि बरिंदर सिंह ने गुस्से में आकर अपनी
लाइसेंसी रिवाल्वर निकाल ली। उसने अपनी पत्नी शैली पर दो गोलियां दाग दीं,
जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अपनी पत्नी की जान लेने के कुछ ही मिनटों
बाद बरिंदर सिंह ने भी उसी हथियार से अपने दिल के पास गोली मारकर अपनी जीवन
लीला समाप्त कर ली। गोलियों की आवाज सुनकर जब आसपास के लोग और परिजन कमरे
की ओर दौड़े, तो दोनों के शव जमीन पर पड़े थे।
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी फतेहगढ़ चूड़ियां ललित कुमार भारी पुलिस बल के साथ
मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। डीएसपी
ललित कुमार ने मीडिया को बताया कि प्रारंभिक जांच और परिजनों से पूछताछ में
यह बात सामने आई है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर छोटी-छोटी बातों को लेकर कलह
रहती थी। रविवार को भी आपसी तकरार ने हिंसक रूप ले लिया, जिसका अंत इस
दोहरे हत्याकांड और आत्महत्या के रूप में हुआ।
इस दुखद घटना ने दो मासूम बच्चियों के सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए छीन
लिया है। मृतक दंपति अपने पीछे सात और नौ वर्ष की दो छोटी बेटियां छोड़ गए हैं।
गांव में इस घटना के बाद मातम पसरा हुआ है और हर कोई इन बच्चियों के भविष्य को लेकर
चिंतित है। फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है
और मामले की गहनता से जांच की जा रही है ताकि विवाद की असली वजह का पता लगाया जा
सके। स्थानीय लोगों के अनुसार, बरिंदर सिंह एक कामकाजी व्यक्ति था, लेकिन घर
में लगातार होने वाले झगड़ों ने उसे इस खौफनाक कदम की ओर धकेल दिया।