लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती
ने देश में बढ़ती महंगाई और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल को
लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया है कि आम जनता
पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है, ऐसे में सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों की
कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण रखना चाहिए ताकि आम आदमी को और अधिक परेशानी का सामना न
करना पड़े।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए कहा कि देश में
कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में एक ही बार में 993 रुपये की भारी
बढ़ोतरी की गई है। इस अचानक हुए इजाफे और इसके दैनिक जीवन पर पड़ने वाले व्यापक
प्रभाव की खबरें इस समय मीडिया की सुर्खियों में बनी हुई हैं। उन्होंने
चिंता जताई कि कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट और अन्य
छोटे व्यवसाय प्रभावित होंगे, जिसका अंतिम बोझ आम उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा।
बसपा सुप्रीमो ने पेट्रोलियम उत्पादों के भविष्य में होने वाले संभावित इजाफे पर भी
जनता की आशंकाओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने के
बाद अब लोगों में इस बात को लेकर भारी बेचैनी और डर है कि कहीं सरकार जल्द ही
घरेलू रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी न कर दे। मायावती के
अनुसार, यह अनिश्चितता गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए मानसिक और आर्थिक तनाव
का कारण बन रही है।
वैश्विक परिस्थितियों और सरकारी नीतियों का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि चाहे
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ा तनाव हो या कोई अन्य अंतरराष्ट्रीय कारण,
सरकार को जनहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने एक महत्वपूर्ण बिंदु उठाते
हुए कहा कि हाल ही में हुए विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान सरकार
ने पेट्रोलियम उत्पादों और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों को काफी हद तक
नियंत्रण में रखा था। उन्होंने तर्क दिया कि यदि चुनाव के समय जनता
को राहत देने के लिए कीमतों को स्थिर रखा जा सकता है, तो देश की भलाई और जन कल्याण
के लिए इस नीति को निरंतर जारी रखना चाहिए।
मायावती ने दिल्ली जैसे महानगरों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अब कमर्शियल गैस
सिलेंडर की कीमत तीन हजार रुपये के पार पहुंच जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार को
कड़ा सुझाव दिया कि कीमतों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी करने से पहले सरकार को देश
के करोड़ों गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति का आकलन करना चाहिए।
उन्होंने अंत में कहा कि सरकार को अपनी नीतियां इस तरह बनानी चाहिए जिससे
महंगाई पर लगाम लग सके और आम आदमी का जीवन सुगम हो सके। अगर सरकार कीमतों पर
नियंत्रण रखती है, तो यह राष्ट्र के हित में एक सही कदम होगा।