हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय
मेडिकल कॉलेज के प्रेक्षागृह में आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान और खेल समारोह 2026
में शिरकत की। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाज के बुजुर्गों को राष्ट्र की
अनमोल धरोहर करार देते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करना ही एक सभ्य समाज
की सच्ची पहचान है। उन्होंने जोर दिया कि बुजुर्गों के अनुभव और मार्गदर्शन से ही
समाज को सही दिशा मिलती है और जिस परिवार में उनका सम्मान होता है, वहां सदैव सुख
और खुशहाली बनी रहती है।
समारोह में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा वॉलीबॉल, फुटबॉल और बैडमिंटन जैसी खेल
प्रतियोगिताओं में दिखाए गए उत्साह की सराहना करते हुए
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बुजुर्गों ने यह साबित कर दिया है कि
उम्र केवल एक आंकड़ा है। उन्होंने कहा कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और
उत्साह का कोई विकल्प नहीं होता। केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी
योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में
वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और उनके कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी
जा रही है।
राज्य सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि
उत्तराखंड में लगभग 6 लाख वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने 1500 रुपये
की पेंशन सीधे उनके बैंक खातों (डीबीटी) में भेजी जा रही है। सरकार ने यह भी
सुनिश्चित किया है कि एक ही परिवार में पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग
पेंशन का लाभ मिले, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने
कहा कि सरकार का ध्यान केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि वह वरिष्ठ
नागरिकों के लिए वृद्धाश्रमों के विस्तार और उनके आधुनिकीकरण पर भी
विशेष फोकस कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय
वृद्धाश्रम संचालित हो रहे हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में नए भवनों
का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही रुद्रपुर में एक आधुनिक मॉडल
वृद्धाश्रम भी बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सरकार ने इस
वर्ष 1300 वरिष्ठ नागरिकों की निशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी का लक्ष्य रखा है।
साथ ही, राष्ट्रीय वयोश्री योजना के जरिए जरूरतमंद बुजुर्गों को सहायक उपकरण उपलब्ध
कराए जा रहे हैं।
समारोह में पुष्कर सिंह धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि बुजुर्गों की बेहतर देखभाल के
लिए राज्य में पहली बार ‘जेरियाट्रिक केयर गिवर’ प्रशिक्षण कार्यक्रम को बढ़ावा
दिया जा रहा है। इसके अलावा, माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण कानून को
प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को अपने
भरण-पोषण के लिए कानूनी संरक्षण प्राप्त हो सके। उन्होंने अंत में
दोहराया कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सुरक्षित और गरिमामय जीवन के लिए
पूरी तरह संकल्पबद्ध है।