नई दिल्ली, 16 अप्रैल 2026
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत और फ्रांस ने एक बार फिर अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत संकेत दिया है। गुरुवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron से फोन पर बातचीत की, जिसमें क्षेत्रीय हालात और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत का केंद्र पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके वैश्विक प्रभाव रहे। विशेष रूप से वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की गई। यह मार्ग दुनिया के प्रमुख तेल आपूर्ति मार्गों में शामिल है, जहां किसी भी तरह का संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
बातचीत के दौरान दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। साथ ही समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी सहमति जताई गई।
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग लंबे समय से मजबूत रहा है। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में हालात संवेदनशील बने हुए हैं, दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उच्चस्तरीय बातचीत से न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति बनाए रखने के प्रयासों को भी बल मिलता है। दोनों देशों ने भविष्य में भी आपसी सहयोग और संवाद को जारी रखने पर सहमति जताई।
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