देहरादून, 16 अप्रैल 2026
उत्तराखंड में गेहूं खरीद को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए लक्ष्य में ऐतिहासिक वृद्धि की है। अब राज्य में गेहूं खरीद का लक्ष्य 10 हजार कुन्टल से बढ़ाकर 5 लाख कुन्टल कर दिया गया है। इस निर्णय को किसानों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार पहले तय लक्ष्य कम होने के कारण किसानों में असंतोष की स्थिति बन रही थी। राज्य सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र से लक्ष्य बढ़ाने की मांग की। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए खरीद लक्ष्य में बड़ी वृद्धि की है।
अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से अधिक संख्या में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकेगा। इससे किसानों की आय में सुधार होने के साथ ही राज्य के कृषि क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही विपणन व्यवस्था में संतुलन स्थापित होने की उम्मीद है।
राज्य में रबी विपणन सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से हो चुकी है। इस वर्ष खरीद प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में कुल 168 सरकारी क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
भारत सरकार द्वारा इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति कुन्टल निर्धारित किया गया है। बेहतर मूल्य मिलने के कारण किसानों का रुझान सरकारी क्रय केंद्रों की ओर बढ़ रहा है। अब तक 1597 किसानों ने स्मार्ट पीडीएस पोर्टल पर पंजीकरण कराया है और 5852 कुन्टल गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पंजीकरण, सत्यापन और भुगतान की पूरी व्यवस्था डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो रही है और किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी उपज नजदीकी सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचें और न्यूनतम समर्थन मूल्य का अधिकतम लाभ उठाएं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
pls read: Uttarakhand: चारधाम यात्रा तैयारियों पर गृह मंत्रालय संतुष्ट, सुरक्षा और प्रबंधन पर दिए निर्देश