देहरादून, 16 अप्रैल 2026
उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर तेजी से काम जारी है और आने वाले एक वर्ष में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के पूरा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और पर्यटन व तीर्थाटन को नई गति मिलेगी।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने के बाद राजधानी दिल्ली से देहरादून का सफर अब ढाई घंटे में पूरा होना संभव हो गया है। इस एक्सप्रेस-वे पर शुरुआती दिनों में यात्रियों का अनुभव सकारात्मक रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क और रेल परियोजनाओं की यही रफ्तार आगे भी बनी रहेगी।
वर्तमान में केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें देहरादून को जल्द ही 1650 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे पांवटा साहिब-देहरादून फोरलेन मार्ग की सुविधा मिलने वाली है। इसके अलावा जून तक सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर लंबा छह लेन हाईवे भी चालू होने की संभावना है।
इसी वर्ष अक्टूबर तक हरिद्वार बाईपास के पहले चरण का काम पूरा करने की योजना है, जो आगामी कुंभ मेले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही ऋषिकेश बाईपास परियोजना पर अगस्त तक काम शुरू होने की उम्मीद है। झाझरा-आशारोड एलिवेटेड रोड का निर्माण भी तेजी से जारी है, जिसे अगले साल अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कुमाऊं क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रगति पर हैं। रुद्रपुर फोरलेन बाईपास का निर्माण अक्टूबर तक पूरा होने की संभावना है, जिससे शहर में जाम की समस्या कम होगी। वहीं काशीपुर बाईपास का निर्माण दिसंबर तक पूरा हो सकता है। इसके अलावा टनकपुर-पिथौरागढ़-लिपुलेख मार्ग का निर्माण भी अगले एक साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सड़कें किसी भी राज्य के विकास की आधारशिला होती हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तराखंड में आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कर्णप्रयाग रेललाइन के पहले चरण को भी इसी वर्ष के अंत तक शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को नई गति मिलेगी।
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