देहरादून, 31 मार्च 2026। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में कानून-व्यवस्था को लेकर गृह और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने देहरादून शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती रोड रेज और हुड़दंग की घटनाओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाए और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और एसएसपी देहरादून को निर्देशित किया कि शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पीक ऑवर के दौरान गश्त बढ़ाई जाए। उन्होंने केवल रात की ही नहीं, बल्कि ‘डे-नाइट’ और विशेष रूप से ‘मॉर्निंग पेट्रोलिंग’ को भी अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उनका मानना है कि सुबह की सैर पर निकलने वाले नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस की मौजूदगी अनिवार्य है। मुख्य सचिव ने कड़े लहजे में कहा कि देहरादून को वीकेंड पर हुड़दंगियों और पार्टियों का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा।
बैठक में बार और रेस्टोरेंट के संचालन को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने आदेश दिया कि बार बंद करने के निर्धारित समय (क्लोजिंग टाइम) को पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि जो बार संचालक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं या अवैध रूप से बार चला रहे हैं, उनके खिलाफ बिना किसी रियायत के कठोर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय करने और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
शहर के आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में खुले ‘होम-स्टे’ की गतिविधियों पर भी मुख्य सचिव ने चिंता जाहिर की। उन्होंने पर्यटन विभाग और पुलिस को निर्देश दिए कि सभी होम-स्टे की मैपिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वे केवल पर्यटन संवर्धन के लिए ही उपयोग हों। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं ये होम-स्टे बार लाइसेंस लेकर अपनी मूल अवधारणा का दुरुपयोग तो नहीं कर रहे हैं। इसके लिए नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि दिल्ली-देहरादून हाईवे पूरी तरह खुलने के बाद सप्ताहांत (वीकेंड) पर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों की संख्या और अधिक बढ़ेगी। इसके लिए पुलिस प्रशासन को अभी से व्यापक सुरक्षा योजना तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने हुड़दंगियों और संदिग्ध तत्वों की पहचान के लिए किरायेदारों और पीजी (पेइंग गेस्ट) में रहने वालों का सघन सत्यापन अभियान चलाने का भी सुझाव दिया। इस उच्च स्तरीय बैठक में डीजीपी दीपम सेठ, सचिव गृह शैलेश बगौली, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी सविन बंसल और एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने अब राजधानी की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाने का मन बना लिया है।