Uttarakhand: देहरादून गोलीकांड का खौफनाक सच जेन-जी क्लब में शुरू हुआ विवाद और सरेराह गई रिटायर्ड ब्रिगेडियर की जान

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के जोहड़ी क्षेत्र में सोमवार सुबह हुए सनसनीखेज गोलीकांड के पीछे की खौफनाक सच्चाई अब सामने आने लगी है। राजपुर रोड स्थित ‘जेन-जी’ (Gen-Z) क्लब में उपजा एक मामूली विवाद इतना बढ़ा कि उसने मॉर्निंग वॉक पर निकले एक निर्दोष और जांबाज पूर्व सैनिक की जान ले ली। इस घटना में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की मौत हो गई, जिनका इस पूरे झगड़े या हमलावरों से कोई लेना-देना नहीं था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जेन-जी क्लब को सील कर दिया है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

मृतक ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी रोज की तरह अपने तीन साथियों के साथ सुबह की सैर पर निकले थे। अपने घर से कुछ ही दूरी पर पहुँचने पर उनके सामने दो तेज रफ्तार कारें आईं, जिनमें सवार युवक एक-दूसरे पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे। इसी बीच एक गोली सीधे ब्रिगेडियर जोशी के सीने में जा लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। उनके परिजनों ने बताया कि 62 वर्ष की आयु तक सेना में सेवा देने वाले जोशी ने कई महत्वपूर्ण अभियानों में हिस्सा लिया था और वे पूरी तरह स्वस्थ थे। उनके बेटे भी वर्तमान में नौसेना में देश की सेवा कर रहे हैं, जबकि बेटी गोवा में रहती है।

ब्रिगेडियर जोशी का सैन्य करियर अत्यंत गौरवशाली रहा था। उन्हें सेना में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अमेरिका के प्रतिष्ठित ‘ब्रॉन्ज स्टार मेडल’ (BSM) से सम्मानित किया गया था, जो वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का सम्मान है। वह सेना की इंटेलिजेंस कोर में महत्वपूर्ण पदों पर रहे और जम्मू-कश्मीर के इंचार्ज के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं। लगभग 15 दिन पहले ही वह अपने बेटे से मिलने मॉरीशस से लौटे थे।

जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी युवक जेन-जी क्लब में पार्टी करने आए थे, जहां उनका क्लब के मालिकों और कर्मियों से झगड़ा व मारपीट हुई थी। क्लब से निकलने के बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ और सड़कों पर खूनी खेल शुरू हो गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जोहड़ी और जाखन के जंगलों में नशे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है और रात के समय हुड़दंगी युवक बुलेट से पटाखे छोड़ते हुए और सायरन बजाते हुए निकलते हैं, जिससे आम जनता हमेशा खौफ में रहती है।

देहरादून में बढ़ते क्लब और बार कल्चर ने शहर की शांति भंग कर दी है। राजपुर रोड और सहस्रधारा जैसे पॉश इलाकों में करीब 50 नाइट क्लब संचालित हैं, जिनमें से कई नियम-कानूनों को ताक पर रखकर देर रात तक नशा और शराब परोसते हैं। एसडीएम सदर हरि गिरी ने बताया कि पुलिस के साथ मिलकर ऐसे सभी क्लबों को चिह्नित किया जा रहा है जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में किसी निर्दोष की जान न जाए।

 

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