देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के रायपुर थाने की हवालात में बंद पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी की संदिग्ध मौत के मामले में एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगाना (हैंगिंग) बताया गया है। इस रिपोर्ट के आने के बाद अब पुलिस और प्रशासन इस मामले की तह तक जाने के लिए न्यायिक जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।
यह पूरी घटना 28 मार्च की है, जब रायपुर पुलिस ने पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी को एक स्थानीय पेट्रोल पंप पर शराब पीकर हंगामा करने और उत्पात मचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें थाने की हवालात में बंद कर दिया गया था, जहाँ उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता और परिजनों के आरोपों को देखते हुए पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए विशेषज्ञों का एक विशेष पैनल नियुक्त किया था। पैनल के डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद स्पष्ट किया है कि जवान की मृत्यु का मुख्य कारण फांसी है।
सुनील रतूड़ी के परिजनों ने पहले ही इस घटना को लेकर अपनी गहरी आशंकाएं व्यक्त की थीं और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए थे। परिजनों की इन्हीं चिंताओं और मामले में और अधिक वैज्ञानिक स्पष्टता लाने के उद्देश्य से, डॉक्टरों ने मृतक का विसरा सुरक्षित रख लिया है। सुरक्षित विसरा को अब विस्तृत जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा जाएगा, जहाँ रसायनों और अन्य सूक्ष्म पहलुओं की जांच की जाएगी। इससे यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि मौत से पहले जवान की शारीरिक स्थिति कैसी थी और क्या इसमें कोई अन्य बाहरी कारक शामिल था।
राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच एक मजिस्ट्रेट द्वारा की जाएगी, जो हवालात के भीतर घटी हर एक गतिविधि और पुलिस प्रोटोकॉल के पालन की समीक्षा करेंगे। मजिस्ट्रेट इस बात की भी पड़ताल करेंगे कि क्या हवालात के भीतर जवान की निगरानी में कोई चूक हुई या उसे आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी कोई स्थिति बनी।
रायपुर थाने में हुई इस घटना ने पुलिस हिरासत में सुरक्षा के इंतजामों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों और पीआरडी संगठनों में भी इस घटना को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मजिस्ट्रेट जांच में पूर्ण सहयोग करेंगे और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा और तेज कर दी है ताकि मृतक के परिजनों को न्याय मिल सके और घटना की सच्चाई सबके सामने आ सके।