Uttarakhand: चारधाम यात्रा के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब नौ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण

ऋषिकेश। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर देश और दुनिया भर के श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। आगामी यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया छह मार्च से शुरू हुई थी और मात्र कुछ ही दिनों के भीतर पंजीकरण का आंकड़ा नौ लाख के पार पहुंच गया है। चारधाम यात्रा प्रशासन और नियंत्रण संगठन के विशेष कार्याधिकारी प्रजापति नौटियाल ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि गुरुवार शाम पांच बजे तक कुल 9,36,961 श्रद्धालुओं ने अपना पंजीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

विभिन्न धामों के लिए प्राप्त पंजीकरण के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक रुझान केदारनाथ धाम के प्रति देखा जा रहा है। केदारनाथ के दर्शन के लिए अब तक 3,14,299 श्रद्धालुओं ने आवेदन किया है। इसके बाद बदरीनाथ धाम का स्थान आता है, जहाँ 2,76,710 यात्रियों ने अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए रुचि दिखाई है। यमुनोत्री धाम के लिए 1,68,881 और गंगोत्री के लिए 1,72,979 भक्तों ने अपना स्लॉट बुक किया है। इसके साथ ही, सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब के लिए भी 4,092 यात्रियों ने अब तक ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो लोग ऑनलाइन सुविधा का उपयोग करने में असमर्थ हैं, उनके लिए 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।

दूसरी ओर, चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को चाक-चौबंद स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा मार्ग पर तैनात किए जाने वाले चिकित्सकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आज यानी शुक्रवार से श्रीनगर में शुरू होने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या का तत्काल और प्रभावी ढंग से समाधान करना है।

पौड़ी के मुख्य चिकित्साधिकारी एसएम शुक्ला को इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर गढ़वाल में तीन अलग-अलग चरणों में कुल 90 चिकित्सकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों को आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के स्वरूप, उपचार की आधुनिक विधियों और गंभीर स्थिति में मरीजों के लिए रेफरल सिस्टम की बारीकियों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।

प्रशिक्षण का पहला चरण 27 और 28 मार्च को आयोजित किया जा रहा है। इसके पश्चात दूसरा चरण एक व दो अप्रैल को और अंतिम चरण छह व सात अप्रैल को निर्धारित किया गया है। इस प्रशिक्षण अभियान में पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जैसे चार प्रमुख जिलों के चिकित्सक शामिल हो रहे हैं। एसएम शुक्ला ने जोर देकर कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश की महान धार्मिक विरासत है और श्रद्धालुओं को सुरक्षित व बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना विभाग का मुख्य लक्ष्य है। इन प्रयासों से यात्रा मार्ग पर चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की योजना है।

 

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