नई दिल्ली। पश्चिमी एशिया में युद्ध की स्थिति बेहद गंभीर होती जा रही है। एक तरफ अमेरिका ईरान के साथ बातचीत की संभावनाओं का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ युद्ध के मैदान में तनाव चरम पर है। इजरायली सेना ने हाल ही में तेहरान की ओर से आने वाली मिसाइलों को बीच में ही मार गिराने का दावा किया है। वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईजीआरसी) ने पलटवार करते हुए इजरायली और अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की 80वीं लहर शुरू करने की बात कही है। इस बीच इजरायल ने तेहरान पर हवाई हमले किए हैं, जिनकी चपेट में रिहायशी इलाके भी आए हैं।
ईरानी हवाई सुरक्षा नेटवर्क ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए तेहरान और मरकजी प्रांत के पास अमेरिकी क्रूज मिसाइलों को नष्ट करने का दावा किया है। खबरों के अनुसार, आईजीआरसी के उन्नत वायु रक्षा तंत्र ने दो एजीएम-158 क्रूज मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया। ईरान का स्पष्ट कहना है कि ये कार्रवाइयां उसके राष्ट्रीय हवाई सुरक्षा नेटवर्क के तहत अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई हैं।
इस संघर्ष की आग लेबनान तक भी पहुंच चुकी है। दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों के कारण भारी नुकसान हुआ है। लेबनान की आधिकारिक समाचार एजेंसी के मुताबिक, सिदोन और अदलौन जैसे शहरों में हुए हमलों में कम से कम नौ लोगों की जान चली गई है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन हमलों को शत्रुतापूर्ण कार्रवाई करार दिया है। इजरायल का कहना है कि वे हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में नागरिकों के हताहत होने और मलबे से लोगों को निकाले जाने की खबरें लगातार आ रही हैं।
इजरायल के भीतर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ‘टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट के अनुसार, तेल अवीव में ईरानी मिसाइल गिरने से छह लोग घायल हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि करीब 100 किलोग्राम विस्फोटक ले जा रहा एक गोला शहर के मध्य हिस्से में गिरा, जिससे इमारतों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। मिसाइल के अवशेष रोश हा-यिन इलाके में भी पाए गए हैं।
ईरान ने अपनी सैन्य कार्रवाई को “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” का नाम दिया है। आईजीआरसी का दावा है कि उन्होंने इस अभियान के तहत सटीक मार करने वाली मिसाइलों और ड्रोनों का उपयोग कर क्षेत्रीय अमेरिकी अड्डों जैसे अली अल-सेलेम और अरिफजान को निशाना बनाया है। दूसरी ओर, इजरायल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) ने टेलीग्राम पर पुष्टि की है कि उन्होंने तेहरान के बुनियादी ढांचे को लक्षित कर हमलों की एक नई लहर शुरू की है। इन हमलों से तेहरान में रिहायशी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है, जहां बचाव दल राहत कार्यों में जुटे हैं। दोनों देशों के बीच जारी यह भीषण गोलाबारी पूरे क्षेत्र को विनाश की ओर धकेल रही है।
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