देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर एक विशेष पंचांग टेबल कैलेंडर का विमोचन किया। इस कैलेंडर का शीर्षक “उत्तराखण्ड की मिट्टी से-नायक से जन नायक पुष्कर सिंह धामी” रखा गया है। यह कैलेंडर राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वर्तमान सरकार की महत्वपूर्ण विकास यात्रा का एक अनूठा संगम है, जिसे जनता के बीच सूचना और परंपराओं के प्रसार के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
इस पंचांग कैलेंडर के माध्यम से आम जनमानस को न केवल तिथियों, वार, पक्ष और महीनों की सटीक जानकारी मिलेगी, बल्कि इसमें उत्तराखंड के पारंपरिक त्योहारों, प्रमुख व्रतों और क्षेत्रीय विशेष दिवसों को भी प्रमुखता से दर्शाया गया है। विमोचन के अवसर पर पुष्कर सिंह धामी ने इस रचनात्मक प्रयास की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रकाशनों से लोगों को, विशेषकर युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और देवभूमि की गौरवशाली परंपराओं से गहराई से जुड़ने का एक बेहतर अवसर प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री का मानना है कि अपनी मिट्टी की संस्कृति को सहेजना हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है।
उल्लेखनीय है कि इस पंचांग टेबल कैलेंडर की उपयोगिता केवल धार्मिक और सांस्कृतिक तिथियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के हित में लिए गए कई दूरगामी और साहसिक निर्णयों का भी समावेश किया गया है। इसके विभिन्न पन्नों पर राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं, पिछले चार वर्षों की बड़ी उपलब्धियों और जन-कल्याणकारी नीतियों को चित्रों और संक्षिप्त विवरणों के साथ प्रस्तुत किया गया है। यह कैलेंडर एक ओर जहां स्थानीय संस्कृति का प्रचार करेगा, वहीं दूसरी ओर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने में एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करेगा।
इस अभिनव पंचांग टेबल कैलेंडर की परिकल्पना मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक मदन मोहन सती द्वारा की गई है। उनके मार्गदर्शन में तैयार यह कैलेंडर टेबल पर रखे जाने वाले एक सूचनात्मक और प्रेरणादायी दस्तावेज के रूप में तैयार किया गया है। विमोचन कार्यक्रम के दौरान मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह, दीप कोश्यारी, किशोर भट्ट और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि देवभूमि की आध्यात्मिक शक्ति और सरकार की विकासोन्मुख छवि को इस कैलेंडर में बहुत ही खूबसूरती से उकेरा गया है। यह पंचांग आने वाले समय में सरकारी कार्यालयों और घरों में सूचना प्रदान करने के साथ-साथ राज्य के गौरवशाली बढ़ते कदमों का भी प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि यह कैलेंडर राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।