देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राजधानी देहरादून के एक प्रमुख मॉल में पहुंचकर बहुचर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ देखी। फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया और वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए फिल्म की विषयवस्तु और समाज पर इसके प्रभाव को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज का दर्पण भी है। उनके अनुसार, यह फिल्म वर्तमान समय में समाज के भीतर घटित हो रही अत्यंत संवेदनशील और गंभीर घटनाओं को उजागर करने का एक साहसिक प्रयास है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी फिल्में जनता, विशेषकर युवाओं और महिलाओं के बीच जागरूकता फैलाने का एक अत्यंत प्रभावी और सशक्त माध्यम साबित होती हैं।
संवेदनशील मुद्दों पर मुखर हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म के कथानक की सराहना करते हुए कहा कि इसमें उन छिपे हुए पहलुओं को दिखाया गया है जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि समाज की सुरक्षा और समरसता को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि नागरिक अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सचेत रहें। मुख्यमंत्री के अनुसार, ‘द केरला स्टोरी 2’ जैसी फिल्में समाज को सोचने और मंथन करने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हमेशा ऐसे रचनात्मक प्रयासों का समर्थन करती है जो राष्ट्रहित और सामाजिक सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य करते हैं।
महिला सुरक्षा और सामाजिक समरसता पर जोर
फिल्म देखने के उपरांत मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक समरसता और जनसंख्या संतुलन को लेकर पूरी तरह से संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की पवित्रता और यहां के शांतिपूर्ण वातावरण को बनाए रखना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समाज में किसी भी प्रकार के असंतुलन या असुरक्षा के भाव को पनपने नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, फिल्म में दर्शाई गई चुनौतियां हमें याद दिलाती हैं कि सुरक्षा के मोर्चे पर किसी भी प्रकार की ढील खतरनाक हो सकती है।
यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड
पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार द्वारा उठाए गए ऐतिहासिक कदमों की चर्चा करते हुए समान नागरिक संहिता (UCC) का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि उत्तराखंड देश का वह पहला राज्य बन गया है जिसने समान नागरिक संहिता को लागू करने की ऐतिहासिक पहल की है। मुख्यमंत्री ने इसे समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक ‘मील का पत्थर’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यूसीसी किसी की धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करने और विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों को सुदृढ़ करने का एक कानूनी ढांचा है। उनके अनुसार, फिल्म में जिन समस्याओं का चित्रण किया गया है, उनके समाधान में यूसीसी जैसे कानून भविष्य में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।
धर्मांतरण विरोधी कानून की सफलता
धर्मांतरण के मुद्दे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पहले ही एक बेहद सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया जा चुका है। इस कानून के माध्यम से प्रदेश में अवैध और जबरन धर्मांतरण की गतिविधियों पर कड़ाई से अंकुश लगाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को लालच, डर या धोखे के माध्यम से धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करना कानूनी अपराध है और देवभूमि में इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के सख्त कानून समाज के भीतर पारदर्शिता, सुरक्षा और आपसी विश्वास की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं।
सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प
विपक्ष या किसी भी प्रकार की आलोचना का अप्रत्यक्ष उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग या समुदाय को निशाना बनाना कतई नहीं है। सरकार की प्रत्येक नीति का एकमात्र उद्देश्य प्रदेश के सभी नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना और एक सुरक्षित समाज का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि कानून का डर केवल उन लोगों के मन में होना चाहिए जो समाज की शांति और व्यवस्था को भंग करने का प्रयास करते हैं। सामान्य और कानून का पालन करने वाले नागरिक के लिए सरकार हमेशा एक कवच की तरह खड़ी है।
युवाओं से जागरूकता की अपील
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के युवाओं से एक विशेष आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में युवाओं को अधिक सजग और जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं को समाज में सकारात्मक बदलाव का संवाहक बताया और कहा कि वे भ्रामक सूचनाओं और गलत इरादों वाले तत्वों से सावधान रहें। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह फिल्म देखने के बाद युवा पीढ़ी समाज की चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझ पाएगी और एक सजग नागरिक के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करेगी।
कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और शासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। फिल्म देखने पहुंचे लोगों में मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक दुर्गेश्वर लाल और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला शामिल थे। इनके अलावा कई अन्य स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मुख्यमंत्री के साथ फिल्म देखी। मॉल में मुख्यमंत्री की उपस्थिति को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और आम जनता के बीच भी मुख्यमंत्री को अपने साथ फिल्म देखते पाकर काफी उत्साह देखा गया। मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल फिल्म के प्रति उनके समर्थन को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर उनकी संवेदनशीलता को भी प्रकट करता है।