Uttarakhand: उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री धामी ने सदन में पेश की सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियां

भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री ने सबसे पहले भगवान बदरीविशाल और बाबा केदारनाथ का स्मरण किया। उन्होंने उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर आंदोलनकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही, पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र व राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के साझा प्रयासों से प्रदेश आज उन्नति के एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य द्वारा झेली गई हालिया प्राकृतिक आपदाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश ने आपदाओं का अत्यंत विकराल रूप देखा है। धराली, थराली, देहरादून, बागेश्वर और कपकोट जैसे क्षेत्रों में आई आपदाओं ने भारी नुकसान पहुँचाया। मुख्यमंत्री ने इन संकटों में अपनी जान गंवाने वाली दिवंगत आत्माओं के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

पुष्कर सिंह धामी ने विशेष रूप से उन निर्णयों पर प्रकाश डाला जो उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार लिए गए हैं। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि प्रदेश की जनता से किए गए वादे को पूरा करते हुए 27 जनवरी 2025 को पहली बार राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई। इसके अलावा, उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बना जिसने युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया। शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 के कार्यान्वयन और उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को समाप्त करने के निर्णय को भी अभूतपूर्व बताया।

पर्यटन और विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार ‘शीतकालीन यात्रा’ की शुरुआत कर पर्यटन को वर्ष भर के लिए सक्रिय बनाया गया है। सरकारी भूमि को बड़े पैमाने पर अतिक्रमण मुक्त कराना और पौराणिक मंदिरों का भव्य सौंदर्यीकरण करना सरकार की कार्यकुशलता का प्रमाण है। उन्होंने पहली बार आयोजित हाई अल्टीट्यूड मैराथन का भी उल्लेख किया। प्रशासनिक दक्षता के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि नीति आयोग के सतत विकास सूचकांक (एसडीजी) में उत्तराखंड ने देशभर में पहला स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया है कि राज्य सही दिशा में प्रगति कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य अंत्योदय के विचार को साकार करना है ताकि विकास की लहर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। सदन में उनके भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक मेजें थपथपाकर इन उपलब्धियों का स्वागत किया। इसके बाद अब सदन में बजट प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।

 

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