हरिद्वार। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के माध्यम से एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने उत्तराखंड की वर्तमान सरकार के कार्यों की जमकर सराहना की और राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर राज्य के विकास तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि केंद्र और राज्य सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक देश के कोने-कोने से एक-एक घुसपैठिये को बाहर निकालने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है।
अमित शाह ने राज्य आंदोलन के शहीदों और युवाओं के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड का निर्माण किया था और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे संवारने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पीठ थपथपाते हुए कहा कि धामी ने पिछले चार वर्षों में प्रदेश की जटिल समस्याओं को चुन-चुन कर हल किया है, जिससे राज्य के विकास की रफ्तार दोगुनी हो गई है।
न्याय प्रणाली में हुए बड़े बदलावों का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने अंग्रेजों के जमाने के डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलकर नई न्याय संहिता लागू की है। साल 2028 तक इसके सभी प्रावधान पूरी तरह प्रभावी हो जाएंगे, जिसके बाद थाने में एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले तक अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे विश्व की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक न्याय प्रणाली करार दिया।
अमित शाह ने सीएए के तहत नागरिकता पाने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों का भारत पर उतना ही अधिकार है जितना प्रधानमंत्री का। उन्होंने तुष्टिकरण की राजनीति की आलोचना करते हुए कहा कि विरोध के बावजूद इन लोगों को नागरिकता देने का निर्णय अटल रहेगा। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अब ‘बिना पर्चा और बिना खर्चा’ के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं, जिसका श्रेय धामी सरकार के सख्त नकल विरोधी कानून को जाता है। उन्होंने शनिवार को पुलिस विभाग में नियुक्ति पत्र पाने वाले 1900 युवाओं को भी शुभकामनाएं दीं।
गृह मंत्री ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के फैसलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूसीसी प्रदेश की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) में आ रहे अप्राकृतिक बदलावों को रोकेगा। साथ ही उन्होंने साफ किया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए मतदाता सूची का शुद्ध होना जरूरी है और जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम लिस्ट से कटना ही चाहिए।
आर्थिक प्रगति का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र से केवल 54 हजार करोड़ मिले थे, जबकि मोदी सरकार के समय यह राशि बढ़कर 1 लाख 87 हजार करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय अब 2 लाख 60 हजार रुपये तक पहुँच गई है और जीएसडीपी में भी अभूतपूर्व सुधार हुआ है। अमित शाह ने विश्वास दिलाया कि 2027 का हरिद्वार कुंभ भव्यता के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ने का काम करेगा।
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