देहरादून। उत्तराखंड में पर्यटन और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए रोपवे परियोजनाओं को प्राथमिकता पर पूरा किया जाएगा। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में रोपवे परियोजनाओं के विकास, संचालन और रखरखाव को लेकर गठित बोर्ड की पहली बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न जनपदों में चल रही और प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि रोपवे न केवल पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये प्रदेश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय मोबिलिटी के लिए भी क्रांतिकारी साबित होंगे।
सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों, हितधारकों और पीपीपी मोड पर काम कर रही कंपनियों को परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोपवे परियोजनाओं के निर्माण में होने वाले अनावश्यक विलंब को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विशेष रूप से देहरादून–मसूरी रोपवे परियोजना में हो रही देरी पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव ने इसके कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विजिबिलिटी स्टडी जैसे महत्वपूर्ण चरणों को शुरुआती स्तर पर ही हाई पावर कमेटी के सामने रखा जाए, ताकि तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों पर समय रहते फैसला लिया जा सके।
मुख्य सचिव ने पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर संचालित हो रही परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि तकनीकी और वित्तीय अनुमोदनों के साथ-साथ सभी प्रशासनिक औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर संपन्न हो सके। उन्होंने रोपवे से संबंधित प्रस्तावों की गहन और त्वरित जांच करने पर जोर दिया ताकि फाइलों के अटकने से काम न रुके।
परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव ने आपसी समन्वय को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सरकारी निर्माण एजेंसियों और सुरक्षा एजेंसियों (पुलिस) को मिलकर काम करने और स्थानीय स्तर पर आने वाली चुनौतियों का त्वरित समाधान करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कोई मामला स्थानीय स्तर पर नहीं सुलझ रहा है, तो उसे तुरंत हाई पावर कमेटी या बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाए ताकि उच्च स्तर से उसका निपटारा हो सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज पांडेय, धीरज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव अभिषेक रूहेला और एनएचएलएमएल के प्रशांत जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने अंत में दोहराया कि सरकार का संकल्प उत्तराखंड को रोपवे कनेक्टिविटी के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनाना है, जिससे न केवल यात्रियों को सुविधा होगी बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। परियोजनाओं की समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।