Uttarakhand: जनसहभागिता से तैयार होगा उत्तराखंड का बजट और पौड़ी में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुआ मंथन – The Hill News

Uttarakhand: जनसहभागिता से तैयार होगा उत्तराखंड का बजट और पौड़ी में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुआ मंथन

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विशेष पहल पर उत्तराखंड के आगामी बजट को ‘जन-जन का बजट’ बनाने की दिशा में पौड़ी के रांसी स्थित बहुउद्देशीय भवन में एक व्यापक बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित रहे और उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के साथ सीधा संवाद कर उनके सुझावों को सुना। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बजट को केवल एक वित्तीय दस्तावेज न मानकर, इसे विकसित उत्तराखंड के निर्माण का एक ठोस रोडमैप बनाना है।

संवाद के दौरान प्रदेश भर से आए जनप्रतिनिधियों, किसानों, उद्यमियों, व्यापारियों, महिला समूहों, पर्यटन व्यवसायियों और वैज्ञानिकों ने आगामी बजट के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने सभी हितधारकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य एक ऐसा जनहितकारी बजट तैयार करना है जो प्रदेश की जमीनी आवश्यकताओं और जनअपेक्षाओं के अनुरूप हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि संवाद, सहयोग और सहभागिता ही उत्तराखंड की असली ताकत है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि प्राप्त सभी व्यावहारिक और दूरदर्शी सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा और उन्हें आगामी बजट तथा नीतिगत निर्णयों में स्थान दिया जाएगा।

संवाद कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव उभरकर सामने आए। पर्वतीय विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए अनुदान में वृद्धि, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सोलर प्लांट का संचालन और पंचायतों को सशक्त बनाने पर बल दिया गया। शहरी क्षेत्रों के लिए सोलर सिटी की अवधारणा और पार्किंग व सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की गई। कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा, कोल्ड स्टोरेज की स्थापना और ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ विकसित करने के सुझाव दिए गए ताकि किसान एक उद्यमी के रूप में उभर सकें।

उद्योग और एमएसएमई क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के पलायन को रोकने के लिए आईटीई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से सीधे जोड़ने का सुझाव दिया गया। पर्यटन के क्षेत्र में होमस्टे के लिए रियायती ऋण, हैली सेवा का विस्तार और संस्कृत ग्रामों को पर्यटक ग्राम के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई गई। महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत प्रत्येक जिले में प्रशिक्षण केंद्र खोलने और ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने इन सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और देश का अग्रणी राज्य बनाना है।

इस अवसर पर स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, वित्त सचिव दिलीप जावलकर और जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने भी अपने विचार रखे। वित्त सचिव ने कहा कि इस संवाद का उद्देश्य वित्तीय संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करते हुए अधिकतम जनकल्याण सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, विभिन्न नगर निगमों के मेयर और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों सहित करीब 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और बजट पूरी तरह से जनहित पर केंद्रित हो।

 

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