देहरादून। राजधानी देहरादून एक बार फिर जघन्य हत्याकांड से दहल उठी है। इस बार विश्वासघात की ऐसी कहानी सामने आई है जिसमें दोस्तों ने ही अपने एक साथी की जान ले ली और साक्ष्य छुपाने के लिए शव को दूसरे जिले में फेंक आए। शास्त्री नगर खाला, वसंत विहार के रहने वाले दिगंबर धीमान की हत्या का यह सनसनीखेज मामला पुलिस की तफ्तीश में उजागर हुआ है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पार्टी के दौरान हुई एक मामूली बहस ने खूनी रूप ले लिया और नशे की हालत में दोस्तों ने दिगंबर को मौत के घाट उतार दिया।
पूरा घटनाक्रम बीते 9 फरवरी से शुरू होता है। मृतक दिगंबर धीमान पर साल 2021 में यौन उत्पीड़न का एक गंभीर मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी मामले में पेशी के लिए वह 9 फरवरी को अपने पिता के साथ पॉक्सो कोर्ट पहुंचा था। कोर्ट की कार्यवाही समाप्त होने के बाद दिगंबर ने अपने पिता को यह कहकर घर वापस भेज दिया कि वह कुछ काम से रुक रहा है। पिता के जाने के बाद दिगंबर अपने चार दोस्तों के साथ नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में पार्टी करने चला गया, जहाँ सभी ने मिलकर शराब पी।
शाम को शुरू हुई यह महफिल रात होते-होते मातम में बदल गई। शराब के नशे और पार्टी के बीच किसी पुरानी बात को लेकर दिगंबर और उसके दोस्तों के बीच तीखी कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आवेश में आकर एक दोस्त ने पास ही पड़ा डंडा उठाकर दिगंबर के सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया। हमला इतना घातक था कि दिगंबर की मौके पर ही मौत हो गई। अपने दोस्त को मृत देख बाकी चारों दोस्त घबरा गए और उन्होंने पुलिस की पकड़ से बचने के लिए शव को ठिकाने लगाने की खौफनाक साजिश रची।
आरोपियों ने रात के अंधेरे में एक टैक्सी बुक की और दिगंबर के शव को चुपचाप गाड़ी में डालकर हरिद्वार की ओर रवाना हो गए। हरिद्वार क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में लाश को फेंकने के बाद वे वापस देहरादून लौट आए। इधर, जब दिगंबर 9 फरवरी की रात और अगले पूरे दिन घर नहीं लौटा, तो उसके पिता की चिंता बढ़ गई। उन्होंने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो अंततः 11 फरवरी को वसंत विहार थाने में अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने जब मामले की गंभीरता को देखते हुए तफ्तीश शुरू की और दिगंबर के कॉल रिकॉर्ड्स व अंतिम लोकेशन खंगाली, तो उसके दोस्तों की भूमिका संदिग्ध नजर आई। पुलिस ने संदेह के आधार पर एक आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ज्यादा देर तक झूठ नहीं टिक पाया और उसने सारा सच उगल दिया। उसने पुलिस को बताया कि कैसे एक मामूली बहस में उन्होंने अपने ही दोस्त की जान ले ली और फिर टैक्सी से शव को हरिद्वार के पास फेंक दिया। वर्तमान में पुलिस की एक विशेष टीम हिरासत में लिए गए आरोपी को साथ लेकर हरिद्वार क्षेत्र में शव की तलाश कर रही है। साथ ही, घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में बढ़ते अपराध और आपसी रंजिश के खतरनाक परिणामों को उजागर किया है।
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