देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियों को पुख्ता करना और मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता व जनसहभागिता बढ़ाना था। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि वे फरवरी माह के अंत तक प्रत्येक बूथ पर अपने ‘बूथ लेवल एजेंट्स’ (बीएलए) की शत-प्रतिशत नियुक्ति सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान मतदाता सूची पुनरीक्षण और बीएलओ आउटरीच अभियान पर विस्तार से चर्चा की गई। बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने जानकारी दी कि निर्वाचन विभाग द्वारा प्रदेश भर में बीएलओ के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें वर्ष 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाताओं की मैपिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश में 79 प्रतिशत मैपिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से विशेष सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल जैसे मैदानी जिलों में बीएलए की सक्रियता से इस कार्य को और अधिक गति दी जा सकती है।
बीएलए नियुक्ति के आंकड़ों को साझा करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में राजनीतिक दलों द्वारा कुल 15,437 बूथ लेवल एजेंट्स नियुक्त किए जा चुके हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 7,165, कांग्रेस ने 7,968, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने 117 और सीपीआई (एम) ने 187 बीएलए तैनात किए हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि ‘आम आदमी पार्टी’ (आप) और ‘एनपीपी’ द्वारा अब तक एक भी बीएलए नियुक्त नहीं किया गया है। उन्होंने सभी दलों को समय पर नियुक्तियां पूरी करने के निर्देश दिए ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र और उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी सहित निर्वाचन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। राजनीतिक दलों की ओर से बीजेपी के राजकुमार पुरोहित, कांग्रेस के मनोज रावत और अमेंद्र बिष्ट, सीपीआई (एम) के अनंत आकाश और बीएसपी के सुरेंद्र जजारिया ने अपने सुझाव रखे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अंत में दोहराया कि निष्पक्ष और त्रुटिहीन मतदाता सूची ही लोकतंत्र की मजबूती का आधार है, जिसमें राजनीतिक दलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल इस अभियान में निर्वाचन आयोग का पूरा सहयोग करेंगे।