Uttarakhand: 31 मार्च 2026 तक सभी जिलों में शत-प्रतिशत डिजिटल बैंकिंग का लक्ष्य, सचिव दिलीप जावलकर ने बैंकर्स के साथ की समीक्षा बैठक – The Hill News

Uttarakhand: 31 मार्च 2026 तक सभी जिलों में शत-प्रतिशत डिजिटल बैंकिंग का लक्ष्य, सचिव दिलीप जावलकर ने बैंकर्स के साथ की समीक्षा बैठक

देहरादून। सचिवालय सभागार में सचिव दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में ‘राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति’ (SLBC) की 95वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 30 सितंबर 2025 तक हुई प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। सचिव ने बैंकों और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ऋण वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और डिजिटल सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए।

सचिव दिलीप जावलकर ने राज्य के सभी जनपदों में शत-प्रतिशत डिजिटलाइजेशन पर जोर देते हुए 31 मार्च 2026 की समयसीमा निर्धारित की है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी जिलों में यह लक्ष्य हासिल किया जा चुका है, जबकि शेष 9 जिलों में इसे निर्धारित समय तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव ने उन जिलों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जिनका सीडी (क्रेडिट-डिपॉजिट) रेशियो काफी कम है। उन्होंने बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रदर्शन में सुधार करें ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों के लिए अधिक पूंजी उपलब्ध हो सके।

बैठक में सामाजिक समावेशन और स्वरोजगार की दिशा में उठाए गए कदमों की भी चर्चा हुई। सचिव ने ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बैंकों को विशेष ऋण योजनाएं तैयार करने को कहा। उन्होंने आर-सेटी के माध्यम से दिए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बाजार की आधुनिक मांग के अनुसार बदलने और प्रशिक्षित युवाओं को बड़ी कंपनियों के साथ जोड़कर रोजगार दिलाने पर बल दिया। इसके साथ ही, किसानों और पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की गई, जिसके तहत सितंबर 2025 तक लगभग 5.77 लाख किसानों और एक लाख से अधिक पशुपालकों को लाभान्वित किया जा चुका है।

प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 55,174 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 31,994 करोड़ रुपये (58 प्रतिशत) का ऋण वितरित किया जा चुका है। पीएम स्वनिधि योजना में बैंकों ने लक्ष्य से अधिक 107 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की है। हालांकि, होमस्टे योजना और एमएसएमई 2.0 जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में प्रगति अभी धीमी है, जिस पर सचिव ने नाराजगी जाहिर करते हुए सुधार के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान डिजिटल फ्रॉड और साइबर सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सचिव ने बैंकों को निर्देश दिए कि वे पुलिस और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के साथ तालमेल बैठाकर ऑनलाइन ठगी के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएं। वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर कैंप आयोजित करने की बात भी कही गई। इस अवसर पर अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, हिमांशु खुराना, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक अरविंद कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सचिव ने अंत में सभी अधिकारियों को जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही बरतने की हिदायत दी।

 

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