लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने हालिया बजट में राज्य के भीतर व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (कारोबार में सुगमता) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए खजाना खोल दिया है। सरकार का मुख्य लक्ष्य केवल व्यवसाय को ही आसान बनाना नहीं है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार यानी ‘ईज ऑफ लिविंग’ को भी प्राथमिकता देना है। इसके लिए बजट में नगर विकास, आवास और शहरी विकास के लिए 34,219 करोड़ रुपये का विशाल प्रावधान किया गया है, जबकि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 27,103.49 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और वहां तक सुरक्षित व सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बजट में एक हजार करोड़ रुपये अलग से रखे हैं। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप ‘इन्वेस्ट यूपी’ ने औद्योगिक संगठनों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा और अब 45 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार अब ‘निवेश मित्र 3.0’ को विकसित करने जा रही है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डैशबोर्ड और रीयल-टाइम ट्रैकिंग जैसी स्मार्ट गवर्नेंस सुविधाएं होंगी।
उद्योग जगत की सबसे बड़ी बाधा, जटिल कानूनी अनुपालन प्रणाली को भी सरकार ने काफी हद तक सरल कर दिया है। 65 विभागों के अंतर्गत आने वाले 4,675 अनुपालनों को कम किया गया है और सैकड़ों पुराने व अप्रासंगिक नियमों को निरस्त कर दिया गया है। महत्वपूर्ण सुधारों के तहत ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है और 20 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों के लिए पंजीकरण की आवश्यकता को भी हटा दिया गया है। साथ ही, श्रम, अग्निशमन और पर्यावरण से जुड़े कई मामलों को अपराधमुक्त (डीक्रिमिनलाइज) करते हुए सजा के प्रावधान को अर्थदंड में बदल दिया गया है, जिससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।
बेहतर कनेक्टिविटी को व्यापार की रीढ़ मानते हुए सरकार ने सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए बजट में 34,468 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं। नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर, रिंग रोड, बाईपास और औद्योगिक लॉजिस्टिक मार्गों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में सात एक्सप्रेसवे संचालित हैं, जबकि 12 नए एक्सप्रेसवे प्रस्तावित हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में हवाई सेवाओं का भी विस्तार हो रहा है। वर्तमान में 16 हवाई अड्डे संचालित हैं और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के जल्द शुरू होने से निर्यातकों को वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने में बड़ी सुविधा होगी। इन सभी कदमों से उत्तर प्रदेश देश में निवेश और कारोबार के लिए सबसे पसंदीदा स्थल के रूप में उभर रहा है।