शिमला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई टोल टैक्स और आबकारी नीति को अपनी स्वीकृति प्रदान की। महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने महिला होमगार्ड स्वयंसेवकों को अब 26 सप्ताह का प्रसूति अवकाश (मैटरनिटी लीव) देने का निर्णय लिया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए कैबिनेट ने 1617.40 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों, सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों का आधुनिकीकरण करना है, ताकि हिमाचल के मरीजों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। इसके साथ ही शिमला के कमला नेहरू अस्पताल, सुंदरनगर और नूरपुर के नागरिक अस्पतालों सहित कई अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के लिए आधुनिक उपकरण खरीदने को भी हरी झंडी दी गई। नाहन मेडिकल कॉलेज में ‘इम्यूनोहेमेटोलॉजी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन’ विभाग की स्थापना के साथ-साथ प्रदेश भर के अस्पतालों में बायोमेडिकल उपकरणों के रखरखाव के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ को आगे बढ़ाते हुए सीबीएसई स्कूलों के लिए संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, संगीत और कला शिक्षकों के कुल 600 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। ये भर्तियां राज्य चयन आयोग के माध्यम से की जाएंगी। साथ ही, प्रदेश के 31 बालक और कन्या विद्यालयों का विलय कर उन्हें सह-शिक्षा (को-एड) स्कूलों में बदला जाएगा। सरकार ने 777 अतिरिक्त स्कूलों में ‘डिजिटल क्लासरूम’ प्रोजेक्ट लागू करने का भी निर्णय लिया है।
सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए दिव्यांगों के विवाह अनुदान में भारी बढ़ोतरी की गई है। अब 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को विवाह के लिए 50 हजार के स्थान पर 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी, जबकि 40 से 70 प्रतिशत दिव्यांगता वालों को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ में संशोधन कर विधवाओं की बेटियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आर्थिक सहायता और छात्रावास न होने पर 3,000 रुपये मासिक किराया भत्ता देने का प्रावधान किया गया है। बच्चों और माताओं के पोषण के लिए ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ भी शुरू की जाएगी।
कैबिनेट ने रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया है। विभिन्न विभागों में जूनियर इंजीनियर, फार्मेसी ऑफिसर, स्टाफ नर्स, रेडियोग्राफर और फूड सेफ्टी ऑफिसर सहित सैकड़ों पदों को भरने की मंजूरी दी गई है। चंबा जिले में ‘डिस्टिल ग्लोबल स्किल्स एंड डिजिटल यूनिवर्सिटी’ की स्थापना और प्रदेश में ‘रोड ड्रेनेज पॉलिसी’ को लागू करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। खेलों को बढ़ावा देने के लिए बिलासपुर, चौपाल और शिलाई में नए स्पोर्ट्स हॉस्टल खोलने और विभिन्न खेल विधाओं को शुरू करने पर भी सहमति बनी है। मुख्यमंत्री ने आगामी बजट सत्र के लिए राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारूप को भी अनुमोदित किया।
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