Uttarakhand: मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन प्रोजेक्ट्स की सुस्त रफ्तार पर जताई नाराजगी और दिए तेजी के निर्देश – The Hill News

Uttarakhand: मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन प्रोजेक्ट्स की सुस्त रफ्तार पर जताई नाराजगी और दिए तेजी के निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में विश्व बैंक की सहायता से संचालित ‘उत्तराखंड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेजीलियंट प्रोजेक्ट’ (यू-प्रिपेयर) की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की महत्वपूर्ण बैठक ली। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के अंतर्गत चल रहे प्रोजेक्ट्स की कछुआ गति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन से संबंधित इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की लगातार निगरानी की जाए ताकि कार्यों में अपेक्षित तेजी आ सके।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने विभाग को योजना के तहत राज्य में बनाए जा रहे 45 पुलों के काम में तेजी लाने को कहा। समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि कुल 45 पुलों में से अब तक 31 पुलों का कार्य ही आवंटित (अवार्ड) किया जा सका है। इस पर नाराजगी जताते हुए आनन्द बर्द्धन ने शेष बचे 14 पुलों की निर्माण प्रक्रिया को गति देने और इनका आवंटन 30 जून, 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के आदेश दिए। इसके साथ ही उन्होंने विभाग को 8 नई सड़कों के निर्माण कार्य के आवंटन की प्रक्रिया भी जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए।

आपदा प्रबंधन की तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव ने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) को विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर 10 डिजास्टर शेल्टर का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शेल्टरों के निर्माण सहित यू-प्रिपेयर योजना से जुड़े सभी कार्यों की एक निश्चित समयसीमा (टाइमलाइन) निर्धारित की जानी चाहिए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे हर स्तर पर कार्यों की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण करें ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।

राज्य में सुरक्षा और राहत तंत्र को मजबूत करने पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने एसडीआरएफ की प्रशिक्षण सुविधाओं और 19 नए फायर स्टेशनों के निर्माण कार्य को भी प्राथमिकता के आधार पर तेज करने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आपदा से निपटने की तैयारियों में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, पंकज कुमार पाण्डेय, वी. षणमुगम, विनोद कुमार सुमन, सी. रवि शंकर, रणवीर सिंह चौहान और आनन्द स्वरूप सहित शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में समिति ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अपनी संस्तुति भी प्रदान की। मुख्य सचिव ने अंत में दोहराया कि विश्व बैंक सहायतित इन प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य राज्य को आपदाओं के प्रति अधिक सक्षम और सुरक्षित बनाना है, इसलिए इनके क्रियान्वयन में तत्परता आवश्यक है।

 

Pls read:Uttarakhand: हिमालय संरक्षण और डॉ. नित्यानंद के सेवा संकल्प को मुख्यमंत्री ने सराहा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *