नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के भविष्य ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी धमक दिखाई है। आयुष म्हात्रे के कुशल नेतृत्व में भारतीय टीम ने शुक्रवार को जिम्बाब्वे के हरारे में खेले गए खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड को शिकस्त देकर रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। फाइनल मैच में भारत ने इंग्लैंड पर 100 रनों की विशाल जीत दर्ज की, जिससे पूरे देश में जश्न का माहौल है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के इतिहास में अपनी बादशाहत को और अधिक सुदृढ़ कर लिया है।
भारतीय टीम की इस शानदार सफलता से गदगद होकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ के लिए भारी इनाम की घोषणा की है। बीसीसीआई ने विश्व चैंपियन टीम के लिए 7.5 करोड़ रुपये की इनामी राशि देने का एलान किया है। बीसीसीआई सचिव देवजित साइकिया ने टीम के प्रदर्शन की जमकर सराहना करते हुए कहा कि बोर्ड को अपनी इस युवा ब्रिगेड पर गर्व है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इन युवा खिलाड़ियों ने इतने बड़े टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए दबाव को झेला और फाइनल में इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को एकतरफा मुकाबले में हराया, वह काबिले तारीफ है। यह इनामी राशि खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और उनके अटूट समर्पण का सम्मान है।
फाइनल मुकाबले की बात करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने स्कोरबोर्ड पर रनों का अंबार लगा दिया। सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने हरारे के मैदान पर ऐसा तूफान लाया कि इंग्लैंड के गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। बाएं हाथ के इस युवा बल्लेबाज ने केवल 80 गेंदों का सामना करते हुए 175 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली। उनकी इस पारी में 15 गगनचुंबी छक्के और इतने ही शानदार चौके शामिल रहे। वैभव की इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो किसी भी अंडर-19 विश्व कप फाइनल का एक रिकॉर्ड स्कोर है।
412 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत में जवाबी हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के सामने उनकी एक न चली। इंग्लिश बल्लेबाज नियमित अंतराल पर अपने विकेट गंवाते रहे, जिससे उन पर दबाव बढ़ता गया। हालांकि, इंग्लैंड की टीम ने अंत तक संघर्ष किया, लेकिन वे 311 रनों पर ही सिमट गए। भारत ने यह मुकाबला 100 रनों के अंतर से जीतकर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। भारतीय गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण मौकों पर सफलताएं हासिल कर मैच को पूरी तरह भारत की झोली में डाल दिया।
इस पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले वैभव सूर्यवंशी को उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इतना ही नहीं, पूरे विश्व कप के दौरान बल्ले से लगातार रन उगलने के कारण उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ के खिताब से भी नवाजा गया। वैभव की इस उपलब्धि ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के अगले उभरते हुए सितारे के रूप में स्थापित कर दिया है। आयुष म्हात्रे की कप्तानी की भी विशेषज्ञों ने सराहना की है, जिन्होंने पूरी टीम को एक सूत्र में बांधे रखा और मैदान पर शानदार रणनीतियां बनाईं।
अंडर-19 विश्व कप में भारत की यह छठी खिताबी जीत भारतीय क्रिकेट के ग्रासरूट लेवल की मजबूती को दर्शाती है। इससे पहले भारत ने 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में भी यह गौरव हासिल किया था। हरारे में मिली इस जीत के बाद सोशल मीडिया पर टीम को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों ने भी युवा टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। बीसीसीआई सचिव ने विश्वास जताया कि इस टीम के कई खिलाड़ी भविष्य में सीनियर भारतीय टीम का भी प्रतिनिधित्व करेंगे और देश का मान बढ़ाएंगे। फिलहाल, 7.5 करोड़ रुपये की इनामी राशि और विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी के साथ भारतीय युवा टीम का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत करने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
Pls read:Cricket: अभ्यास के दौरान चोटिल हुए बेन स्टोक्स का चेहरा पहचानना हुआ मुश्किल