लखनऊ।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लोक भवन में गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक के दौरान कुल 29 प्रस्ताव चर्चा के लिए रखे गए थे, जिनमें से गहन विचार-विमर्श के बाद 15 प्रस्तावों को कैबिनेट ने अपनी औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इन फैसलों में सबसे बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के कल्याण से संबंधित है।
कैबिनेट ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत लाखों शिक्षकों और अन्य शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। सरकार के इस कदम से शिक्षा क्षेत्र में काम कर रहे उन कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो लंबे समय से इस तरह की चिकित्सा सुविधा की मांग कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कैबिनेट बैठक के उपरांत मीडिया को इन फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने शिक्षकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए यह संवेदनशील फैसला लिया है।
सुरेश कुमार खन्ना ने स्पष्ट किया कि इस नई व्यवस्था के तहत न केवल नियमित शिक्षकों को, बल्कि उनके परिवारों को भी कैशलेस इलाज का लाभ प्राप्त होगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के दायरे में राज्य के लगभग दस लाख लोग आएंगे। इसमें बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के अलावा बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइए भी शामिल किए गए हैं। अब इन कर्मचारियों को गंभीर बीमारियों या आपातकालीन स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने पर अपनी जेब से नकद भुगतान करने की चिंता नहीं करनी होगी। यह सुविधा राज्य सरकार की स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिकताओं को दर्शाती है और इसे शिक्षा जगत के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन माना जा रहा है।
चिकित्सा सुविधा के अलावा, कैबिनेट की इस बैठक में उत्तर प्रदेश विधानमंडल के आगामी बजट सत्र की रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया गया। प्रदेश सरकार ने बजट सत्र की तारीखों का निर्धारण कर दिया है। वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र आगामी 9 फरवरी से प्रारंभ होने जा रहा है। सत्र के शुरुआती दिनों में विभिन्न विधायी कार्यों और चर्चाओं के बाद, 11 फरवरी को उत्तर प्रदेश सरकार अपना वार्षिक बजट पेश करेगी।
यह बजट वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए होगा, जिसे वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सदन के पटल पर रखेंगे। आगामी बजट सत्र को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक तैयारियां तेज हो गई हैं। कैबिनेट द्वारा लिए गए इन फैसलों से यह स्पष्ट है कि सरकार आगामी वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों के साथ-साथ सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा चक्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। शिक्षकों के लिए कैशलेस सुविधा की घोषणा ने बजट सत्र से पहले एक सकारात्मक माहौल तैयार कर दिया है। कैबिनेट के इन निर्णयों का प्रभाव प्रदेश के लाखों परिवारों पर पड़ेगा, जिससे उनके जीवन स्तर और कार्यक्षमता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।