देहरादून। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राजधानी देहरादून के गांधी पार्क में राष्ट्रभक्ति का भव्य संगम देखने को मिला। भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। राष्ट्रगीत की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम ने हजारों कंठों से निकली स्वर लहरियों के माध्यम से एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर न केवल सेना और क्रांतिकारियों के बलिदान को याद किया, बल्कि प्रदेश की विकास यात्रा और सरकार के कड़े निर्णयों का ब्योरा भी जनता के सामने रखा।
समारोह को संबोधित करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि मां भारती के प्रति अगाध श्रद्धा और कर्तव्यबोध की अभिव्यक्ति है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस अमर गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उन्होंने संविधान के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय संविधान महज एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह हमारी प्राचीन सभ्यता, लोकतांत्रिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। इसी संविधान के बल पर आज भारत दुनिया के सबसे बड़े और सफल लोकतंत्र के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय गौरव पर चर्चा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। आधुनिक बुनियादी ढांचे, डिजिटल इंडिया और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने कहा कि भारत अब अपनी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पूरे आत्मविश्वास के साथ स्थापित कर रहा है।
उत्तराखंड के संदर्भ में बात करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने केवल घोषणाएं करने के बजाय ठोस निर्णय लेकर उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि देवभूमि की अस्मिता और सामाजिक शांति बनाए रखने के लिए सरकार ने सख्त धर्मांतरण और दंगा विरोधी कानून लागू किए हैं। ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से सनातन धर्म का अपमान करने वालों पर कठोर कार्रवाई की गई है और मदरसा बोर्ड को समाप्त करने जैसा ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में लागू किए गए कड़े कानूनों का उल्लेख करते हुए बताया कि उत्तराखंड अब सख्त भू-कानून के माध्यम से अपनी जमीन को माफियाओं और अवैध कब्जों से सुरक्षित कर रहा है। उन्होंने गर्व से कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला उत्तराखंड स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बना है। साथ ही, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजकर देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून धरातल पर उतारा गया है।
प्रशासनिक और आर्थिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य के 27 हजार युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था गठन के समय के मुकाबले 26 गुना बढ़ चुकी है और प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान की सफलता बताते हुए कहा कि प्रदेश में 11,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है।
पलायन की समस्या पर मुख्यमंत्री ने एक सुखद आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 44 प्रतिशत ‘रिवर्स पलायन’ हुआ है, जिसका अर्थ है कि लोग अब रोजगार और बेहतर भविष्य की उम्मीद में अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड का पूरे देश में प्रथम स्थान पर आना राज्य की सही दिशा और नीतियों का प्रमाण है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को दोहराया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, सविता कपूर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।