नई दिल्ली। महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के लिए हुए चुनावों के परिणामों और रुझानों ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर महायुति, विशेषकर भारतीय जनता पार्टी के दबदबे को साबित कर दिया है। साल 2017 के लंबे अंतराल के बाद हुए इन चुनावों में सबकी नजरें देश की सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) पर टिकी थीं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र के शहरी इलाकों में भाजपा और उसके सहयोगियों ने बड़ी बढ़त बना ली है, जबकि विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी कई महत्वपूर्ण गढ़ों में पिछड़ता नजर आ रहा है।
राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी ताजा रुझानों और घोषित नतीजों के मुताबिक, बीएमसी के 227 वार्डों में से भाजपा 88 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 31 सीटों पर आगे चल रही है। इन दोनों दलों ने मिलकर मुंबई में बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) 63 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कांग्रेस को 9, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को 6 और शरद पवार की एनसीपी को केवल 1 सीट पर बढ़त मिलती दिख रही है।
चुनाव परिणामों में कुछ बड़े उलटफेर भी देखने को मिले हैं। गैंगस्टर से नेता बने अरुण गवली की बेटी योगिता गवली को बायकुला-चिंचपोकली क्षेत्र के वार्ड नंबर 207 से करारी हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने अपने पिता की पार्टी अखिल भारतीय सेना के टिकट पर चुनाव लड़ा था। वहीं, कांग्रेस के लिए मुंबई से पहली खुशखबरी वार्ड 183 से आई, जहाँ आशा दीपक काले ने जीत दर्ज की। दादर के प्रतिष्ठित वार्ड 182 से शिवसेना यूबीटी के मिलिंद वैद्य विजयी रहे, जबकि मानखुर्द के वार्ड 135 में भाजपा के नवनाथ बान ने जीत हासिल कर कार्यकर्ताओं को जश्न मनाने का मौका दिया।
मुंबई के बाहर भी भाजपा का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। पुणे नगर निगम में भाजपा 48 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि अजीत पवार की एनसीपी 14 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है। पुणे में कांग्रेस के प्रशांत जगताप ने कड़े मुकाबले के बाद अपनी सीट सुरक्षित कर ली है। ठाणे में भी भाजपा 26 सीटों के साथ सबसे आगे है, जहाँ शिवसेना यूबीटी और अजीत पवार की एनसीपी को मात्र 6-6 सीटों पर बढ़त मिली है। नासिक और नागपुर जैसे बड़े शहरों में भी भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। हालांकि, लातूर में कांग्रेस ने भाजपा को बड़ा झटका दिया है, जहाँ वह 35 सीटों पर आगे चल रही है।
इन चुनाव परिणामों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्याही विवाद का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि आयोग नागरिकों को गुमराह कर रहा है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। वहीं, उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि चुनाव के नतीजे पहले से ही फिक्स कर दिए गए थे। दूसरी ओर, एआईएमआईएम के वारिस पठान ने संभाजीनगर में अपनी पार्टी की बढ़त पर संतोष जताते हुए बड़ी सफलता का दावा किया है।
कुल मिलाकर, 29 में से 20 निकायों में भाजपा और उसके गठबंधन को बहुमत मिलता दिख रहा है। नवी मुंबई में भी भाजपा 29 सीटों के साथ बढ़त बनाए हुए है। इन नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र के शहरी मतदाताओं का रुझान फिलहाल महायुति की ओर है। विपक्षी दलों के लिए ये नतीजे आत्ममंथन का विषय हैं, जबकि सत्ताधारी गठबंधन के लिए यह आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ी संजीवनी के समान है। फिलहाल राज्य के विभिन्न मतगणना केंद्रों पर जश्न का माहौल है और अंतिम नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।
Pls read:Mumbai: बीएमसी चुनाव के लिए भाजपा और शिंदे गुट में सीटों का हुआ समझौता और अजीत पवार की राहें जुदा