नई दिल्ली। पाकिस्तान की जमीन से एक बार फिर भारत के खिलाफ नफरत और आतंकवाद का खुला खेल खेला जा रहा है। सीमा पार सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक खूंखार आतंकी ने जम्मू-कश्मीर को लेकर बेहद भड़काऊ और हिंसक बयान दिया है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओजेके) में आयोजित एक सभा के दौरान इस आतंकी ने न केवल भारत के खिलाफ जहर उगला, बल्कि हिंदुओं के नरसंहार की भी खुली धमकी दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
वीडियो में दिखाई दे रहे आतंकी की पहचान अबू मूसा कश्मीरी के रूप में हुई है, जो लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़े संगठन जम्मू-कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट (जेकेयूएम) का एक वरिष्ठ सदस्य है। यह भड़काऊ भाषण पीओजेके के रावलकोट जिले की हजीरा तहसील के अंतर्गत आने वाले बहेरा गांव में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिया गया। अबू मूसा कश्मीरी ने वहां मौजूद भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर मुद्दे का एकमात्र समाधान आतंकवाद और जिहाद में ही छिपा है।
वायरल हो रहे वीडियो में आतंकी की बातों पर भीड़ का उन्माद भी साफ देखा जा सकता है। सभा में मौजूद लोग भड़काऊ नारे लगा रहे थे कि आजादी भीख मांगने से नहीं मिलेगी, बल्कि हिंदुओं का कत्लेआम करने से हासिल होगी। इस तरह के आपत्तिजनक और हिंसक नारों के बीच आतंकी ने खुले मंच से भारतीय सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी। यह वीडियो इस बात का पुख्ता सबूत है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद अपनी जमीन पर पनप रहे आतंकी ढांचे और नफरती विचारधारा को रोकने में पूरी तरह विफल रहा है या जानबूझकर इसे बढ़ावा दे रहा है।
हैरान करने वाली बात यह है कि अबू मूसा कश्मीरी ने अपने इस भाषण के दौरान पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व के साथ अपने संबंधों का भी दावा किया। उसने सार्वजनिक रूप से कहा कि उसने अपने इन विचारों और कश्मीर की स्थिति को लेकर अपनी रणनीति की जानकारी सीधे तौर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्रियों तक पहुंचाई है। आतंकी का यह दावा पाकिस्तान की उस आधिकारिक लाइन को कटघरे में खड़ा करता है जिसमें वह खुद को आतंकवाद से पीड़ित बताता है। नियंत्रण रेखा के इतने करीब एक आतंकी द्वारा सरेआम जिहाद और नरसंहार की बात करना बिना स्थानीय प्रशासन और सरकार की शह के संभव नहीं है।
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इस पूरे मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। सूत्रों के मुताबिक, अबू मूसा कश्मीरी का पुराना रिकॉर्ड भी बेहद विवादित रहा है। जांच में यह बात सामने आई है कि वह पहले भी कई बार इस तरह की हिंसक अपील कर चुका है। विशेष रूप से पहलगाम में हुए आतंकी हमले से ठीक पहले भी उसने इसी तरह का नफरती भाषण दिया था। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां इस वीडियो को केवल एक भाषण न मानकर किसी बड़ी आतंकी साजिश की भूमिका के रूप में देख रही हैं।
वर्तमान में भारतीय सुरक्षा बल और खुफिया इकाइयां इस वीडियो की बारीकी से तकनीकी जांच कर रही हैं। वीडियो की सही लोकेशन, समय और उसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है ताकि सीमा पार चल रही गतिविधियों का सटीक आकलन किया जा सके। एजेंसियों का मानना है कि इस तरह के भड़काऊ आयोजनों का मुख्य उद्देश्य कश्मीर घाटी के युवाओं को गुमराह कर उन्हें कट्टरपंथ के रास्ते पर धकेलना है। पाकिस्तान की इस नापाक हरकत के बाद सीमा पर चौकसी और अधिक बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ या आतंकी हमले की कोशिश को नाकाम किया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पाकिस्तान कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए अब भी आतंकवाद को अपनी विदेश नीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।
Pls reaD:Pakistan: पाकिस्तान में हमास और लश्कर के बीच बढ़ता खतरनाक तालमेल