Himachal: अर्की में भीषण अग्निकांड से मची तबाही एक मासूम की मौत और मलबे में दबे आठ लोग

अर्की (सोलन)। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की कस्बे में सोमवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला हादसा पेश आया है। तड़के हुए एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके में कोहराम मचा दिया। इस हादसे में एक मासूम बच्चे की जलने से मौत हो गई है, जबकि मलबे के नीचे आठ अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को मौके पर बुलाया है।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा दो परिवारों के लिए काल बनकर आया। बताया जा रहा है कि इन परिवारों के पांच बच्चे और चार बड़े सदस्य इस आग की चपेट में आए हैं। अब तक प्रियांश नाम के एक बच्चे का शव बरामद किया जा चुका है, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकालकर रेस्क्यू किया गया है। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल अर्की में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस अग्निकांड में भारी संपत्ति का नुकसान हुआ है। आग की चपेट में चार आवासीय घर और आठ दुकानें आ गई हैं। शुरुआती आकलन में करीब दो करोड़ रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। घटनास्थल पर मलबे का ढेर लगा हुआ है, जिसे हटाने के लिए दो जेसीबी मशीनों का सहारा लिया जा रहा है। मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने और बचाने की प्रक्रिया लगातार जारी है।

आग लगने की शुरुआत एक पुराने लकड़ी के घर से हुई बताई जा रही है। लकड़ी के ढांचे में भड़की एक छोटी सी चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। स्थिति तब और अधिक बिगड़ गई जब आग की लपटें रसोई गैस सिलेंडरों तक पहुंच गईं। सिलेंडरों में हुए जोरदार धमाकों के कारण आग ने आसपास के अन्य घरों और दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। सिलेंडरों के फटने और बेकाबू होती आग के बीच मची अफरा-तफरी के कारण लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ राहत कार्य में जुटा है और एक शव बरामद कर लिया गया है। मुख्यमंत्री स्थानीय विधायक संजय अवस्थी से लगातार संपर्क में हैं और बचाव कार्यों की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। संजय अवस्थी खुद घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और फंसे हुए लोगों को निकालने के प्रयासों में जुटे हैं।

उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि यह घटना तड़के करीब पौने तीन बजे पुराने बस स्टैंड के पास घटित हुई। आग पर काबू पाने के लिए शिमला के बालूगंज, सोलन के बनलगी और अंबुजा सीमेंट कंपनी से दमकल वाहनों को तुरंत मौके पर भेजा गया। हालांकि, लकड़ी के मकानों की बहुलता और गैस सिलेंडरों के फटने से आग इतनी भयावह हो गई थी कि उस पर काबू पाना दमकल कर्मियों के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आग लगने के स्पष्ट कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन प्रारंभिक सूचनाओं के मुताबिक कमरे के भीतर ठंड से बचाव के लिए जलाई गई अंगीठी से उठी चिंगारी इस तबाही की मुख्य वजह हो सकती है। फिलहाल एसडीआरएफ की टीम मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है और पूरा क्षेत्र इस त्रासदी से सहमा हुआ है। स्थानीय लोग भी राहत कार्यों में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। इस अग्निकांड ने न केवल करोड़ों की संपत्ति स्वाहा कर दी, बल्कि कई परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है।

 

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