Uttarakhand: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों को मिली विशेषज्ञ डॉक्टरों की सौगात और एनएचएम ने भारी मानदेय पर की नियुक्तियां – The Hill News

Uttarakhand: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों को मिली विशेषज्ञ डॉक्टरों की सौगात और एनएचएम ने भारी मानदेय पर की नियुक्तियां

देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत प्रदेश के सीमांत जिलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए “यू कोट वी पे” मॉडल के तहत नई नियुक्तियां की गई हैं। इस विशेष पहल के माध्यम से विशेषज्ञों को 2.89 लाख रुपये से लेकर 3.50 लाख रुपये तक का मासिक मानदेय दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब विभिन्न जिलों में इन डॉक्टरों की तैनाती को आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है।

यह निर्णय उत्तराखंड के उन दुर्गम इलाकों के लिए संजीवनी साबित होगा, जहां लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं का अभाव बना हुआ था। एनएचएम के तहत दिसंबर 2025 में आयोजित किए गए साक्षात्कारों के आधार पर एनेस्थेटिस्ट, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञों का चयन किया गया है। इन चिकित्सकों को मुख्य रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और उप जिला चिकित्सालयों (एसडीएच) में नियुक्त किया गया है, ताकि मातृ-शिशु स्वास्थ्य और आपातकालीन सर्जरी जैसी सेवाओं को स्थानीय स्तर पर ही मजबूत किया जा सके।

नियुक्तियों के विवरण के अनुसार, अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एनेस्थेटिस्ट आर. हेमचंद्रन, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ देविका खत्री और बाल रोग विशेषज्ञ अनंत गुप्ता को तैनात किया गया है। इन तीन विशेषज्ञों की एक साथ नियुक्ति से इस क्षेत्र में जटिल प्रसव, सर्जरी और नवजात शिशुओं के उपचार की सुविधाओं में व्यापक सुधार आने की उम्मीद है। इसी तरह चमोली जिले के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण गैरसैंण स्थित उप जिला चिकित्सालय में एनेस्थेटिस्ट विशाल प्रताप सिंह और प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ शिल्पा भानुदास मुरकुटे को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस तैनाती के बाद स्थानीय महिलाओं और गर्भवती माताओं को विशेषज्ञ उपचार के लिए अब जिला मुख्यालयों या बड़े शहरों की ओर दौड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

पौड़ी गढ़वाल जिले के बीरोंखाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ ममता थपलियाल की तैनाती की गई है, जिससे इस ग्रामीण अंचल की महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त, पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्र डीडीहाट में बाल रोग विशेषज्ञ किशन सिंह महर को नियुक्त किया गया है, जो वहां के बच्चों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे। ये सभी नियुक्तियां शुरुआती तौर पर 11 माह के संविदा आधार पर की गई हैं। इन चिकित्सकों के कार्य प्रदर्शन के मूल्यांकन के आधार पर उनके कार्यकाल को भविष्य में आगे बढ़ाया जा सकता है। शासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी चयनित चिकित्सक निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में अपना कार्यभार ग्रहण करें।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार ने बताया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों को उनके घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इन विशेषज्ञों की तैनाती से न केवल मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में सफलता मिलेगी, बल्कि रेफरल सेवाओं और आपातकालीन उपचार की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

आर. राजेश कुमार ने आगे स्पष्ट किया कि सरकार जनहित को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य ढांचे को लगातार उन्नत कर रही है। यदि भविष्य में और अधिक विशेषज्ञों की आवश्यकता पड़ती है, तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत इसी तरह की भर्ती प्रक्रिया जारी रखी जाएगी। सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच प्रदेश के हर नागरिक तक समान रूप से हो। इन नई नियुक्तियों से उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में विशेषज्ञों की कमी का जो संकट वर्षों से बना हुआ था, उसे काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी और आम जनता को समयबद्ध तरीके से सुलभ इलाज प्राप्त होगा।

 

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