Punjab: पंजाब में सुरक्षा के लिए निजी गार्ड रखने को मजबूर व्यापारी और कानून व्यवस्था पर प्रताप सिंह बाजवा ने उठाए सवाल

अमृतसर। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने प्रदेश की वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। बाजवा ने आरोप लगाया कि पंजाब में अब आम नागरिक सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है और लोग अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही इंतजाम करने को मजबूर हो गए हैं। उनके अनुसार, प्रदेश में पुलिस प्रशासन नागरिकों को बुनियादी सुरक्षा प्रदान करने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।

प्रताप सिंह बाजवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से अपनी बात रखते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि पंजाब के लोग, विशेषकर व्यापारी वर्ग, अपनी जान-माल की रक्षा के लिए अब पुलिस के भरोसे रहने के बजाय निजी सुरक्षा गार्डों की भर्ती कर रहे हैं। विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तंज कसते हुए कहा कि जब राज्य की पुलिस ही जनता को बुनियादी सुरक्षा देने में अक्षम हो जाए, तो नागरिकों के पास निजी सुरक्षा तंत्र का सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

अपनी पोस्ट में बाजवा ने सरकार की प्राथमिकताओं पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के शासनकाल में पुलिस का इस्तेमाल नागरिकों की सुरक्षा के लिए कम और सरकार के प्रति असहमति जताने वाली आवाजों को दबाने के लिए ज्यादा किया जा रहा है। बाजवा के मुताबिक, सरकार का पूरा ध्यान विरोधियों पर प्राथमिकी दर्ज करने में लगा है, जबकि आम जनता को गैंगस्टरों और अपराधियों के डर के साये में जीने के लिए छोड़ दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब को आज एक ऐसी पुलिसिंग व्यवस्था की आवश्यकता है जो जनता के प्रति जवाबदेह हो और अपराधियों में कानून का डर पैदा करे।

पंजाब में पिछले कुछ समय से फिरौती के लिए होने वाली फायरिंग और गैंगस्टर नेटवर्क की बढ़ती सक्रियता ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। विपक्षी दल लगातार इन मुद्दों पर सरकार को घेर रहे हैं। बाजवा का यह ताजा बयान इसी कड़ी का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने बढ़ते अपराध और फिरौती की घटनाओं को आधार बनाया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जिस तरह से लोग निजी सुरक्षाकर्मी रखने को मजबूर हो रहे हैं, वह राज्य की गिरती कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रमाण है।

हालांकि, इन आरोपों के बीच आम आदमी पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से लगातार यह दावे किए जाते रहे हैं कि पंजाब में अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि पुलिस द्वारा गैंगस्टरों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और आए दिन अपराधियों के साथ मुठभेड़ की खबरें भी सामने आ रही हैं। सरकार अपनी ओर से यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि अपराधी सुरक्षित नहीं हैं। लेकिन विपक्ष का तर्क है कि सरकार के ये तमाम दावे केवल कागजी हैं और जमीनी स्तर पर सुरक्षा के हालात अभी भी अत्यंत चिंताजनक बने हुए हैं। बाजवा के इन तीखे हमलों ने एक बार फिर पंजाब में सुरक्षा के मुद्दे पर नई बहस छेड़ दी है।

 

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