देहरादून. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून जल्द ही देश भर के जनसंपर्क विशेषज्ञों और संचारकर्मियों के एक बड़े महाकुंभ का गवाह बनने जा रही है। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) अपना राष्ट्रीय अधिवेशन देहरादून में आयोजित करने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए पीआरएसआई के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की और उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विधिवत आमंत्रित किया। राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास पहुंचे इस डेलिगेशन ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की और आगामी आयोजन की रूपरेखा साझा की।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि पीआरएसआई का यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय जनसंपर्क अधिवेशन अगले महीने 13, 14 और 15 दिसंबर को देहरादून में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान डेलिगेशन ने मुख्यमंत्री को अधिवेशन का आधिकारिक ब्रोशर भेंट किया और संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों व इस सम्मेलन के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया। आयोजकों ने बताया कि इस बार के अधिवेशन का मुख्य विषय प्रधानमंत्री के विजन को ध्यान में रखते हुए “विकसित भारत @ 2047 में जनसंपर्क की भूमिका” रखा गया है। यह विषय देश के भविष्य और विकास की दिशा में संचार की भूमिका को रेखांकित करता है।
सम्मेलन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देश के विभिन्न राज्यों से 300 से अधिक जनसंपर्क प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और संचारकर्मी हिस्सा लेंगे। चूंकि उत्तराखंड अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा है, इसलिए इस विशेष अवसर को ध्यान में रखते हुए अधिवेशन में उत्तराखंड पर भी खास फोकस रहेगा। सम्मेलन के दौरान राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा, अब तक की उपलब्धियों और भविष्य की असीम संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
आमंत्रण स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में इस राष्ट्रीय स्तर के अधिवेशन के आयोजन पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे हासिल करने में जनसंपर्क क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य या देश की छवि निर्माण में सही संचार बहुत मायने रखता है। उन्होंने विशेष रूप से उत्तराखंड के संदर्भ में कहा कि राज्य के पर्यटन, समृद्ध संस्कृति और स्थानीय उत्पादों की प्रभावी ब्रांडिंग करने में पीआरएसआई जैसे संगठन और जनसंपर्क के माध्यम अहम योगदान दे सकते हैं।
चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने वर्तमान दौर की चुनौतियों और तकनीकों पर भी बात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग बहुत जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने फेक न्यूज यानी भ्रामक खबरों की रोकथाम, जनता से लगातार संवाद बनाए रखने और मीडिया व जनसंपर्क के क्षेत्र में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव जैसे विषयों पर भी अधिवेशन में मंथन करने की आवश्यकता बताई।
इस शिष्टाचार भेंट के दौरान पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया, सचिव अनिल सती, कोषाध्यक्ष सुरेश भट्ट और संयोजक सिद्धार्थ बंसल शामिल थे। इसके अलावा सदस्य वैभव गोयल, अनिल वर्मा, अजय डबराल, संजय भार्गव और प्रियांक वशिष्ठ भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे। उम्मीद जताई जा रही है कि यह अधिवेशन उत्तराखंड के लिए ब्रांडिंग और नेटवर्किंग का एक बेहतरीन मंच साबित होगा।