Islamabad. पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। वहां की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर उड़ रही तरह-तरह की अफवाहों ने उनके समर्थकों और परिवार को गहरी चिंता में डाल दिया है। हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए यह खबर तेजी से फैली कि इमरान खान की जेल में मौत हो गई है। इन खबरों ने न केवल पाकिस्तान बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि, इन अटकलों के बीच जेल प्रशासन और इमरान खान के परिवार की तरफ से महत्वपूर्ण बयान सामने आए हैं, जो स्थिति की गंभीरता को बयां करते हैं।
यह सारा विवाद तब शुरू हुआ जब अफगानी मीडिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की अदियाला जेल में बंद इमरान खान की मौत हो चुकी है। इस खबर के फैलते ही हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन को तुरंत सफाई देनी पड़ी। जेल अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इमरान खान की मौत की खबरें पूरी तरह से झूठी और बेबुनियाद हैं। प्रशासन के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री पूरी तरह से स्वस्थ हैं और उन्हें किसी प्रकार की कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं है।
लेकिन प्रशासन के दावों के विपरीत परिवार की चिंताएं कुछ और ही कहानी कह रही हैं। इमरान खान की बहनों ने दावा किया है कि उन्हें अपने भाई से मिले हुए करीब 23 दिन हो चुके हैं और जेल प्रशासन उन्हें मिलने की इजाजत नहीं दे रहा है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच इमरान खान के बेटे कासिम खान ने मोर्चा संभाला है और अपने पिता के जिंदा होने का सबूत मांगा है। कासिम खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक और लंबा पोस्ट लिखकर अपनी और अपने परिवार की पीड़ा साझा की है।
कासिम खान ने बताया कि उनके पिता को गिरफ्तार हुए 845 दिन से अधिक का समय बीत चुका है। उन्होंने एक गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पिछले डेढ़ महीने से इमरान खान को परिवार से बिना किसी संपर्क के ‘डेथ सेल’ में रखा गया है। कासिम के अनुसार, पिछले छह हफ्तों से उनके पिता को पूरी तरह से अकेलेपन (solitary confinement) में रखा जा रहा है, जो अमानवीय है। उन्होंने बताया कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश होने के बावजूद उनकी बुआओं (इमरान की बहनों) को हर बार मीटिंग करने से रोक दिया जाता है। न कोई फोन कॉल करने दी जा रही है, न कोई मुलाकात हो रही है और न ही उनकी खैरियत की कोई खबर बाहर आ रही है।
कासिम ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए लिखा कि वह और उनके भाई किसी भी माध्यम से अपने पिता से संपर्क साधने में असमर्थ हैं। उन्होंने पाकिस्तान सरकार और प्रशासन से सीधा सवाल किया है कि उनके पिता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? कासिम ने पूछा कि क्या पाकिस्तान सरकार और उनके मालिक इस अमानवीय व्यवहार और अकेलेपन के हर नतीजे के लिए पूरी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं?
अपने पोस्ट के जरिए कासिम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से भी इस मामले में तत्काल दखल देने की अपील की है। उन्होंने अपनी मांगों की एक सूची भी रखी है, जिसमें सबसे प्रमुख मांग यह है कि उनके पिता के जिंदा होने की पुष्टि की जाए। इसके अलावा, उन्होंने कोर्ट के आदेशों के अनुसार परिवार को उनसे मिलने की इजाजत देने और उन्हें डेथ सेल के अकेलेपन से बाहर निकालने की मांग की है। फिलहाल, मौत की अफवाहों पर जेल प्रशासन के खंडन के बाद भी परिवार का डर खत्म नहीं हुआ है।
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