शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि खिलाड़ियों को रोजगार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सहायक जिला खेल अधिकारी का पद सृजित किया गया है। आने वाले समय में खेल विभाग वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ियों को विभाग में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
419 खिलाड़ियों को किया सम्मानित
शनिवार को शिमला में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 419 खिलाड़ियों को कुल 17.85 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की। सम्मानित खिलाड़ियों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने वाले 51 और राष्ट्रीय स्तर के 368 खिलाड़ी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने खेलों में मिलने वाली पुरस्कार राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों और कोच को भी सम्मानित करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने इसे प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया।
ओलंपिक और एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को पांच करोड़ रुपये
प्रदेश सरकार ने ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि में बड़ी बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री के अनुसार, एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर पहले 50 लाख रुपये दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दिया गया है। ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए भी पांच करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।
इन खिलाड़ियों को मिली करोड़ों की राशि
समारोह में कबड्डी में स्वर्ण पदक जीतने वाली हिमाचल की पुष्पा राणा, भावना ठाकुर, रितु नेगी और ज्योति ठाकुर को एक-एक करोड़ रुपये दिए गए। वहीं, एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली सीमा को 1.5 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
इसी तरह 10 हजार मीटर दौड़ में रजत पदक जीतने वाले निषाद को ढाई करोड़ रुपये दिए गए। सरकार का कहना है कि इस तरह की प्रोत्साहन राशि से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सहायता मिलेगी।
राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों और कोच को भी पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को भी पुरस्कार देने की व्यवस्था की है। इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर पूरी टीम को पांच लाख रुपये और टीम के सदस्य के रूप में प्रत्येक खिलाड़ी को 1.5 लाख रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके कोच को भी तीन लाख रुपये देकर सम्मानित किया गया।
20 तारीख को धर्मशाला से शुरू होगा अभियान
मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलों को माध्यम बनाने की बात कही। उन्होंने बताया कि 20 तारीख को धर्मशाला में ‘खेलो हिमाचल, चिट्टा मुक्त हिमाचल’ अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इसके तहत एसडीएम, जिला और राज्य स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। पंचायत स्तर तक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना और नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना है।
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