Uttarakhand: गैरसैंण में कांग्रेस विधायकों का प्रदर्शन, आठ दिन का सत्र कराने की मांग – The Hill News

Uttarakhand: गैरसैंण में कांग्रेस विधायकों का प्रदर्शन, आठ दिन का सत्र कराने की मांग

गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था जैसे विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए विधायकों ने विधानसभा परिसर में जुलूस निकाला और भवन के मुख्य द्वार की सीढ़ियों पर धरना दिया। कांग्रेस ने सत्र की अवधि कम रखे जाने पर भी सवाल उठाते हुए इसे कम से कम आठ दिन तक चलाने की मांग की।

मंगलवार को कांग्रेस विधायक मंत्री आवास के सामने एकत्र हुए। इसके बाद वे हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए विधानसभा भवन के मुख्य द्वार तक पहुंचे। यहां उन्होंने धरना देकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए विधानसभा सत्र पर्याप्त समय तक चलना चाहिए, ताकि जनसमस्याओं को सदन में प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की बेटी को अब तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में कथित वीआईपी के तौर पर जिस व्यक्ति का नाम सामने आया, उसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है। यह कांग्रेस की ओर से लगाया गया आरोप है।

आर्य ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और वन्यजीवों के बढ़ते आतंक जैसे कई विषय हैं, जिन पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, कांग्रेस इन मुद्दों को विधानसभा में उठाकर सरकार से जवाब मांगना चाहती थी, लेकिन सत्र की अवधि सीमित रखे जाने से व्यापक चर्चा की गुंजाइश कम हो गई है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने सत्र को केवल अनुपूरक बजट पारित कराने तक सीमित कर दिया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र का उद्देश्य बजट संबंधी कामकाज के साथ-साथ जनता से जुड़े सवालों पर चर्चा करना भी है। कांग्रेस का आरोप है कि केवल दो दिन का सत्र निर्धारित किए जाने से कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा नहीं हो पाएगी।

उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक प्रीतम सिंह ने भी सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की। दोनों नेताओं ने कहा कि विधानसभा का सत्र कम से कम आठ दिन तक चलाया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश की समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर सदन में पर्याप्त चर्चा हो सके।

धरना देने के बाद कांग्रेस के सभी विधायक विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सदन में शामिल हुए। इसी दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी विधानसभा भवन पहुंचे। जब कांग्रेस विधायक मुख्य द्वार की सीढ़ियों पर धरना दे रहे थे, तब मुख्यमंत्री उनकी ओर देखकर मुस्कुराते हुए सदन के भीतर चले गए।

सत्र के पहले दिन हुए इस प्रदर्शन से विधानसभा की कार्यवाही के साथ ही सत्र की अवधि और प्रदेश के प्रमुख मुद्दों पर राजनीतिक बहस भी केंद्र में आ गई। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह अंकिता भंडारी प्रकरण समेत अन्य जनसमस्याओं को सदन में उठाना चाहती है और सरकार से इन विषयों पर जवाब मांगती रहेगी।

 

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