पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनपद को 284 करोड़ रुपये से अधिक की 67 विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें 105.30 करोड़ रुपये की लागत से पूरे हुए 33 कार्यों का लोकार्पण और 178.76 करोड़ रुपये की लागत वाले 34 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिले में सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी नौ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं के लाभार्थियों को एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के चेक भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने मुख्यमंत्री को हस्तशिल्प से निर्मित ‘सत्यमेव जयते’ की कलाकृति और बाबा नीम करौली की तस्वीर भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को भी सुना। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनभागीदारी और राष्ट्रसेवा की भावना को प्रोत्साहित करता है।
सीमांत क्षेत्रों में विकास और पर्यटन पर जोर
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे का विस्तार हो और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश भ्रमण के बाद इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की रुचि बढ़ी है। इस वर्ष आदि कैलाश यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या एक लाख से अधिक होने की संभावना जताई गई है। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से होमस्टे संचालकों, परिवहन कारोबारियों और स्थानीय उत्पादों से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिथौरागढ़ में 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किए जा रहे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अवसर मिलेंगे। वहीं, पिथौरागढ़-बांस-आंवलाघाट सड़क और पुल बनने से गंगोलीहाट की दूरी कम होने तथा हाट कालिका मंदिर तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से मुनस्यारी, हल्द्वानी, दिल्ली और देहरादून तक हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए हैं। नैनीसैनी हवाई अड्डे को लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
भर्ती, महिला सशक्तीकरण और सैनिकों के कल्याण का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, नकल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है और प्रदेश में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लखपति दीदी सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। साथ ही समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून और दंगा विरोधी कानून जैसे निर्णयों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कालनेमि के तहत फर्जी पहचान के जरिए लोगों को भ्रमित करने वालों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई तथा दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, जौलजीबी और आठगांव शिलिंग मेले की शुभकामनाएं दीं।
नौ घोषणाओं से सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने जनपद के लिए नौ प्रमुख घोषणाएं कीं। नैनीसैनी देवत से कनारी पाभैं तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण और डामरीकरण किया जाएगा। कैलीगाड़ पुल से बेस अस्पताल तक सड़क सुधारने के साथ हॉटमिक्स कार्य कराया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट को उप जिला चिकित्सालय और अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र मवानी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत करने की घोषणा की गई।
इसके अलावा मूनाकोट के रियांसी में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी देने, अस्कोट लिफ्ट पेयजल योजना का कार्य कराने, ज्याला मंदिर छाना पाण्डेय में सीसी मार्ग बनाने, ग्राम चिमुशी स्थित गाड़ देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण करने तथा चण्डाक-छेड़ा दिगतोली सड़क का सुधारीकरण और चौड़ीकरण करने की घोषणा की गई।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने सीमांत सेवा फाउंडेशन द्वारा संचालित सीमांत नेत्र चिकित्सालय में ऑप्टिकल बायोमीटर का शुभारंभ किया। इससे मरीजों को नेत्र चिकित्सा संबंधी बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक बिशन सिंह चुफाल और फकीर राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, महापौर कल्पना देवलाल, अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।