अमृतसर। दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिसकर्मियों के जूते पहनकर प्रवेश करने के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों और नेताओं ने डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। पार्टी नेताओं ने इसे गुरुद्वारे की मर्यादा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए श्री अकाल तख्त साहिब से मामले का संज्ञान लेने की अपील की।
आप नेताओं के मुताबिक, दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान कुछ छात्र गुरुद्वारा बंगला साहिब पहुंचे थे। उनका पीछा करते हुए पुलिसकर्मी कथित तौर पर जूते पहनकर गुरुद्वारे के भीतर दाखिल हुए। पार्टी नेताओं ने कहा कि धार्मिक स्थल की मर्यादा का सम्मान किया जाना चाहिए और इस तरह की घटना पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
इसी घटनाक्रम के बीच पार्टी विधायक कुलवंत सिंह ग्यासपुरा को अकाल तख्त सचिवालय में जाने से रोके जाने की बात भी सामने आई। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कई विधायक और पार्टी नेता पहुंचे
ज्ञापन सौंपने वालों में कैबिनेट रैंक प्राप्त बलजिंदर कौर, दसूहा के विधायक कर्मबीर सिंह घुम्मण, उड़मुड़ के विधायक जसवीर सिंह राजा, अमृतसर दक्षिणी के विधायक डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर, कादियां के हलका प्रभारी गुरइकबाल सिंह माहल, तरनतारन के विधायक हरमीत सिंह संधू और आप के मुख्य प्रवक्ता एवं अजनाला के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल शामिल रहे।
इसके अलावा डेरा बाबा नानक के विधायक गुरदीप सिंह रंधावा, अमृतसर पूर्वी की विधायक जीवनजोत कौर, महल कलां के विधायक कुलवंत सिंह पंडोरी, खेमकरण के विधायक सरवन सिंह धुन्न, लुधियाना के विधायक कुलवंत सिंह ग्यासपुरा, बाबा बकाला के विधायक दलवीर सिंह तुंग और राजासांसी की हलका प्रभारी सोनिया मान भी मौजूद रहे।
तरनतारन के प्रधान एवं जिला परिषद के चेयरमैन अंगदीप सिंह, खडूर साहिब के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा और अटारी के विधायक जसविंदर सिंह रमदास ने भी ज्ञापन सौंपने में भाग लिया। पार्टी नेताओं ने मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान भी जता चुके हैं विरोध
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी इस घटना की निंदा कर चुके हैं। सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने दावा किया था कि दिल्ली पुलिस के जवान जबरदस्ती गुरुद्वारे में दाखिल हुए।
आप के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि गुरुद्वारा साहिब में किसी के आने या ठहरने को अपने आप में संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि कुछ लोग वहां ठहरे हुए थे, तो उन्हें बाहर निकालने के लिए पुलिस को इस तरह प्रवेश करने की जरूरत क्यों पड़ी।
पन्नू ने पुलिस कार्रवाई के कारणों को सार्वजनिक करने की मांग भी की थी। इस मामले में आप नेताओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा का सम्मान होना चाहिए और घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
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